छात्र हित में कैबिनेट के फैसलों पर कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जताया आभार

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Eksandeshlive Desk

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश सहित पार्टी के मंत्री और विधायकों ने मुलाकात की। इस दौरान नेताओं ने 17 अगस्त को झारखंड मंत्रालय में हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में छात्र हित में लिए गए फैसलों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील पहल की है। उन्होंने छात्र हित से जुड़े निर्णयों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि राज्य सरकार का फैसला विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के हित में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार जनहित और युवाओं के हितों को प्राथमिकता दे रही है। टीडीपीएल की ओर से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले से प्रभावित विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी तथा उनके भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता दूर होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस नेताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य झारखंड के युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निर्णय लेती रही है और आगे भी लेती रहेगी। मुलाकात के दौरान राज्य में चल रही विकास योजनाओं, जनहित और छात्र कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

विवादित परीक्षाओं का रद्द होना आंदोलन की ऐतिहासिक जीत : देवेंद्र नाथ महतो

झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल और टीडीपीएल एजेंसी की ओर से आयोजित विवादित परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने इसे आंदोलन की ऐतिहासिक जीत बताया है। उन्होंने कहा कि अब नई, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा व्यवस्था लागू कराने की लड़ाई शुरू होगी। देवेंद्र नाथ महतो मंगलवार को सदर अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित सत्याग्रह स्थल पर आयोजित प्रेस वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसी परीक्षा व्यवस्था जरूरी है, जिसमें पेपर लीक, धांधली और पैरवी के जरिए नौकरी हासिल करने की कोई गुंजाइश न हो। योग्य अभ्यर्थियों को मेधा और निष्पक्ष प्रक्रिया के आधार पर नौकरी मिलने की गारंटी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भर्ती व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त होने तक संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलन के दौरान जिन परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए थे, उनमें जेएसएससी-सीजीएल समेत टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाएं शामिल हैं। इन परीक्षाओं को रद्द करना छात्र हित में सरकार का महत्वपूर्ण कदम है। देवेंद्र नाथ ने बताया कि भूख हड़ताल के 17वें दिन सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और डुमरी विधायक जयराम महतो की मौजूदगी में उनका अनशन समाप्त कराया गया था। उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, मीडिया कर्मियों और अन्य सहयोगियों के प्रति आभार जताया। प्रेस वार्ता के दौरान कई छात्र और अन्य लोग मौजूद थे।

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