सरकार जनता के साथ, जनता के हित में लिया गया फैसला: धीरज प्रसाद साहू

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लोहरदगा: झारखंड सरकार द्वारा जेएसएससी एवं सीजीएल सहित टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के निर्णय का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के फैसले को युवाओं और छात्रों के हित में उठाया. गया ऐतिहासिक एवं साहसिक कदम बताते हुए कहा कि सरकार जनता के साथ खड़ी है और जनता के हित में निर्णय लेने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हमेशा छात्रों, युवाओं और राज्य के आम नागरिकों की भावनाओं का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पारदर्शिता को लेकर छात्रों के बीच व्यापक असंतोष था। ऐसे समय में सरकार ने उनकी आवाज को गंभीरता से सुना और निष्पक्ष जांच तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार का उद्देश्य योग्य एवं मेहनती अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना और भर्ती प्रक्रिया में जनता का विश्वास कायम रखना है। पूर्व राज्यसभा सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जनता के हर मुद्दे के प्रति संवेदनशील हैं। चाहे किसानों की समस्या हो, युवाओं के रोजगार का सवाल हो या छात्रों के भविष्य से जुड़ा कोई विषय, सरकार हमेशा जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय लेने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता और सरकार इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है। धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि सरकार पहले ही 14वीं जेपीएससी एवं बैकलॉग की दो परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय ले चुकी है। अब जेएसएससी एवं अन्य परीक्षाओं को लेकर लिया गया फैसला भी इस बात का प्रमाण है कि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना चाहती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगे होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और सख्त निगरानी के साथ आयोजित की जाएंगी, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिल सके।
उन्होंने छात्रों और युवाओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी चिंताओं से पूरी तरह अवगत है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। धीरज प्रसाद साहू ने अंत में कहा कि झारखंड सरकार का यह फैसला लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे युवाओं का विश्वास शासन व्यवस्था में और अधिक मजबूत होगा तथा भविष्य में भर्ती प्रक्रियाएं अधिक निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनेंगी।

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