कांग्रेस की भ्रम और मनगढ़ंत कहानियों की राजनीति पूरी तरह ध्वस्त: आदित्य साहू

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Eksandeshlive Desk

रांची: झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि लगातार चुनावी पराजय से कांग्रेस हताश और बौखला गई है। उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस को बार-बार नकार रही है, जिससे वह संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर अपनी खीझ निकाल रही है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में रविवार को आदित्य साहू ने कहा कि चुनाव आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना कांग्रेस की राजनीतिक हताशा का परिचायक है। कांग्रेस जनता को भ्रमित करने के लिए झूठ और भ्रामक प्रचार का सहारा ले रही है। लूट, झूठ और फरेब कांग्रेस पार्टी के स्वभाव में शामिल है। ये लोग झूठ बोलकर देश की जनता को गुमराह करते हैं तथा जनता को धोखा देते हैं।

साहू ने कहा कि चुनाव आयोग के आधिकारिक संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्षी इंडी गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश हुआ और कांग्रेस की भ्रम और मनगढ़ंत कहानियों की राजनीति पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की बैठक और संयुक्त प्रेस नोट से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। कांग्रेस का झूठ बेनकाब हो गया। तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत सभी फैसले निष्पक्ष थे और चुनावी प्रक्रिया पर कांग्रेस के द्वारा सवाल उठाना उनकी हताशा का प्रतीक है। साहू ने कहा कि कैबिनेट सचिव को लिखा पत्र किसी नीतिगत विषय या एसआईआर से संबंधित नहीं था। एक अखबार की रिपोर्ट कोरी कल्पना पर आधारित गढ़ी गई कहानी से ज्यादा और कुछ नहीं थी। उन्होंने कहा कि एसआईआर के फॉर्म-6 के घोषणापत्र को उच्चतम न्यायालय पहले ही वैध ठहरा चुका है, विपक्ष की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश एक बार फिर से नाकाम हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए चुनाव आयोग, उच्चतम न्यायालय और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है। चुनाव आयोग की स्पष्टता के बाद कांग्रेस के आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई है, ऐसे में कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करना चाहिए।

आदित्य साहू ने कहा कि जब भी विपक्ष जनता की अदालत में पराजित होता है, वह अपनी खीझ और हताशा निकालने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप मढ़ने लगता है। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट और कड़े वक्तव्य ने विपक्ष के सभी झूठ और दुर्भावनापूर्ण प्रचार की हवा निकाल दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों (डॉ. एस. एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी) की 26 सितंबर को अपराह्न 3 बजे बैठक हुई और उसके बाद एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया है, जिसमें यह स्पष्ट कर दिया गया है कि देश भर में संचालित एसआईआर सहित सभी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। 24 जून 2025 का मूल आदेश हो, या विभिन्न चरणों (12 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों व 19 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों) की समय-सारणी, सभी निर्णय पूरे आयोग की पूर्ण सहमति से लिए गए हैं। आदित्य साहू ने कहा कि इतना ही नहीं, उच्चतम न्यायालय ने 27 मई 2026 को इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध ठहराया है। इसके बावजूद विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता और प्रक्रियाओं पर झूठा कीचड़ उछालने का घिनौना काम कर रहा था। विपक्ष केवल अफवाहें फैलाता है, जबकि आयोग जमीनी स्तर पर हर मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। चाहे वह रैन बसेरों, मजदूरों और बेघरों के लिए विशेष कैंप लगाना हो, या छूटे हुए लोगों के घरों पर जाकर बीएलओ द्वारा फॉर्म एकत्र करना हो।

आदित्य साहू ने कहा कि देश की जनता भली-भांति जानती है कि जितने भी राज्यों में चुनाव संपन्न हुए हैं, वे पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र रूप से संपन्न हुए हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जब चुनाव हारते हैं, तो कभी ईवीएम पर, कभी संवैधानिक संस्थाओं पर, तो कभी चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाते हैं। चुनाव आयोग के इस पूर्ण और सर्वसम्मत बयान के बाद कांग्रेस नेतृत्व को देश और संवैधानिक संस्थाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। साहू ने कहा कि विपक्ष लगातार फॉर्म-6 को लेकर जनता में भ्रांति पैदा करने का षड्यंत्र रच रहा था। चुनाव आयोग ने दो-टूक कहा है कि एसआईआर के लिए फॉर्म-6 से संलग्न घोषणापत्र को माननीय उच्चतम न्यायालय ने पूर्णतः सही व वैध ठहराया है। गैर-एसआईआर अवधि के लिए नियमों (रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स 1960) के तहत पूर्ववत फॉर्म ही लागू हैं। किसी भी प्रक्रिया में कोई हेरफेर नहीं किया गया है। भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी और इंडी ठगबंधन के सदस्य बार-बार संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करते रहते हैं। 2024 में ईवीएम को भारतीय लोकतंत्र के लिए ‘ब्लैक बॉक्स’ बताया था,चुनावी प्रक्रिया और आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाया, चुनाव आयोग को सत्ताधारी दल का कठपुतली बता चुके हैं, जबकि चुनाव आयोग और उच्चतम न्यायालय बार-बार ईवीएम की सुरक्षा और विश्वसनीयता को प्रमाणित कर चुका है। राहुल गांधी के झूठ को न्याय की अदालत ने खारिज किया है। इन मामलों पर उच्चतम न्यायालय में हलफनामा देकर बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी।

आदित्य साहू ने पत्रकारों को याद कराते हुए कहा कि राहुल गांधी के द्वारा देश के प्रधानमंत्री को “चौकीदार चोर है” कहा गया, राफेल मामले में खून की दलाली का अफवाह फैलाया गया, बालाकोट में भारतीय सैनिकों के द्वारा एयर स्ट्राइक पर भी सवाल उठाया और सबूत मांगा गया, उन्होंने कहा था कि सरकार जवानों के खून की दलाली कर रही है, जिसे सेना के शौर्य का अपमान माना गया। भाजपा नेता ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद राहुल गांधी ने बयान दिया था कि “चीन के सैनिक हमारे जवानों को पीट रहे हैं।” सेना और सरकार दोनों ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को सरकार के कामकाज पर झूठा आरोप लगाने की बुरी आदत हो गयी है। प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ,राफिया नाज, मीडिया सह प्रभारी सतीश सिन्हा और नीरज सिंह शामिल रहे।

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