Eksandeshlive Desk
रांची: हटिया मजदूर यूनियन सीटू की कार्यकारिणी समिति की रविवार को हुई बैठक में एचईसी के स्थायी और सप्लाई मजदूरों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मजदूरों की मांगों के समाधान के लिए चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। यूनियन की ओर से कहा गया कि आंदोलन को लेकर जल्द कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने आरोप लगाया कि एचईसी प्रबंधन ने वर्ष 2010 में हुए समझौते का पूरी तरह उल्लंघन किया है। कुछ लोगों से गलत तरीके से हस्ताक्षर करवाए गए हैं, जिन्हें यूनियन कानूनी रूप से वैध नहीं मानती। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों के हितों से जुड़े वेतन अथवा अन्य लाभ में किसी भी तरह की कटौती या समझौते को मान्यता प्राप्त यूनियन की सहमति के बिना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भवन सिंह ने बताया कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत एचईसी की प्रत्येक शॉप में जनसंपर्क अभियान चलाकर मजदूरों को लंबित मांगों और आंदोलन की रूपरेखा की जानकारी दी जाएगी। साथ ही मजदूरों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की जाएगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर यूनियन लगातार संघर्ष करती रहेगी। बैठक में स्थायी मजदूरों की लंबित पदोन्नति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इसके अलावा पीएफ पर लगी रोक हटाने तथा समुचित लोन लेने और पीएफ की राशि निकालने पर लगी पाबंदी समाप्त करने की मांग की गई। सप्लाई मजदूरों से जुड़े ग्रेडेशन, 6 डीए की रोकी गई राशि तथा त्रिपक्षीय और द्विपक्षीय समझौते के अनुसार ईएल, सीएल और बोनस का भुगतान कराने की मांग को लेकर भी संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया गया। यूनियन ने कहा कि लंबित मांगों के समाधान के लिए प्रबंधन पर दबाव बनाया जाएगा। सीटू ने स्थायी और सप्लाई मजदूरों के बीच भेदभाव पैदा करने वाले तत्वों से सावधान रहने की अपील की। बैठक में एचईसी के कई मजदूर-कर्मी और यूनियन से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।
