एपीपी परीक्षाओं की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के सरकार के आदेश पर रोक लगाने से उच्च न्यायालय का इनकार

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उच्च न्यायालय ने सरकार और जेपीएससी से मांगा जवाब, अगली सुनवाई 24 सितंबर को

Eksandeshlive Desk

रांची: झारखंड सरकार की ओर से जारी उस अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई, जिसमें असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (एपीपी) रेगुलर एवं बैकलॉग परीक्षाओं की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है। अदालत ने फिलहाल सरकार के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई। अदालत ने याचिका पर राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को निर्धारित की गई है। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता अनुराग कश्यप ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। वहीं जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पैरवी की।

याचिका में जिन परीक्षाओं की नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई है, उनमें असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर रेगुलर परीक्षा, विज्ञापन संख्या 6/2025 तथा असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बैकलॉग परीक्षा, विज्ञापन संख्या 5/2025 शामिल हैं। इस संबंध में आलोक रंजन, आदित्य भास्कर, आनंद सिंह और अनिरुद्ध ओझा ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ताओं की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक के सरकार के निर्णय को चुनौती देते हुए अदालत से राहत की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने उन सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें टीडीएल शामिल रहा है। इसके साथ ही वर्ष 2014 से आयोजित सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं को लेकर भी जांच कराने की घोषणा की गई थी। इन घोषणाओं के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से परीक्षाएं रद्द करने, नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित करने और जांच के दायरे में परीक्षाओं को शामिल करने से संबंधित अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचना के अनुसार, 22 परीक्षाओं को रद्द, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित तथा 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में शामिल किया गया है।

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