‘होम-टू-रोल’ सत्यापन के दौरान एक परिवार के सभी मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र पर सूचीबद्ध करना सुनिश्चित करें: के. रवि कुमार

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मतदाताओं को प्राप्त नोटिस की सुनवाई उनके नजदीकी सुनवाई शिविर पर सुनिश्चित करें

नए युवा पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए स्कूल-कॉलेजों में चलाएं विशेष अभियान

रांची: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक कर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत संचालित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि एसआईआर के दौरान ‘होम-टू-रोल’ सत्यापन, ‘एक परिवार–एक मतदान केंद्र’, नए पात्र भारतीय नागरिकों के पंजीकरण तथा नो-मैप एवं तार्किक विसंगति वाले मामलों के नियमानुसार निष्पादन को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि होम-टू-रोल सत्यापन के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। जिन पात्र भारतीय नागरिकों का नाम अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, उनसे फॉर्म-6 एवं निर्धारित घोषणा-पत्र प्राप्त कर नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही, एक ही परिवार अथवा एक ही घर के मतदाता अलग-अलग मतदान केंद्रों पर सूचीबद्ध हैं तो आवश्यकतानुसार फॉर्म-8 भरवाकर उन्हें उनके नजदीकी एवं एक ही मतदान केंद्र पर सूचीबद्ध करने की कार्रवाई की जाए। प्राप्त सभी प्रपत्रों का साथ-साथ डिजिटाइजेशन भी सुनिश्चित किया जाए।

श्री कुमार ने नए एवं युवा पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष प्रचार-प्रसार अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों को ECINET के माध्यम से मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाए। शिक्षण संस्थानों के सहयोग से पात्र युवाओं को फॉर्म-6 भरने की प्रक्रिया तथा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के महत्व से अवगत कराया जाए।

उन्होंने कहा कि एसआईआर के तहत तैयार की जा रही मतदाता सूची और उससे संबंधित अभिलेखों को दीर्घकालीन महत्व के दस्तावेज के रूप में संरक्षित किया जाता है। इसलिए आम नागरिकों को इस संबंध में जागरूक किया जाए कि वे अपने तथा अपने परिवार के सदस्यों के नाम, आयु एवं अन्य विवरणों की जांच कर लें और किसी प्रकार की त्रुटि होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय रहते उसका निराकरण कराएं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि एक ही खतियान एवं उससे संबंधित वंशावली से जुड़े मतदाताओं के मामलों का समेकित रूप से परीक्षण किया जाए। माता-पिता, बच्चों एवं उनके पूर्वजों से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों को साथ रखकर उम्र एवं पारिवारिक संबंधों से जुड़ी तार्किक विसंगतियों की जांच की जाए। इससे एक ही परिवार के सदस्यों की आयु से संबंधित असंगतियों का तार्किक एवं दस्तावेज-आधारित निराकरण संभव होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी व्यक्ति द्वारा गलत वंशावली अथवा अन्य गलत विवरण के आधार पर मतदाता सूची में शामिल होने का प्रयास न किया जा रहा हो।

मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए नजदीकी केंद्र पर हो नोटिस की सुनवाई

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि एसआईआर के तहत जिन मतदाताओं को ईआरओ स्तर से नोटिस निर्गत किए गए हैं, उनकी सुनवाई यथासंभव मतदाता के निवास स्थान के नजदीकी सुनवाई केंद्र पर ही सुनिश्चित की जाए। सुनवाई की व्यवस्था ऐसी हो कि मतदाताओं, विशेषकर बुजुर्गों, दिव्यांगजनों तथा दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को अनावश्यक रूप से लंबी दूरी तय न करनी पड़े। साथ ही सुनवाई शिविर में वृद्ध, दिव्यांग, गर्भवती महिला एैसे व्यक्तियों को प्राथमिकता दें। संबंधित पदाधिकारी सुनवाई केंद्र, तिथि एवं समय की जानकारी मतदाता तक समय से पहुंचाना सुनिश्चित करें, ताकि वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सके।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि प्रत्येक नो-मैप एवं तार्किक विसंगति वाले मामले में उपलब्ध दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जाए। जिन मामलों में ईआरओ स्तर पर प्रथम सुनवाई के दौरान संबंधित मतदाता को आवश्यक दस्तावेज समर्पित करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता हो, उन्हें पर्याप्त अवसर देते हुए दूसरी सुनवाई के लिए पुनर्निर्धारित किया जाए। ऐसे मामलों की अलग सूची तैयार की जाए तथा आवश्यकतानुसार फील्ड वेरिफिकेशन कर तथ्यों एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं को पर्याप्त अवसर दिया जाना आवश्यक है। विशेष रूप से दूरस्थ, दुर्गम एवं जनजातीय बहुल क्षेत्रों में यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी पात्र आदिवासी, पीवीटीजी, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह, के भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से न छूटे। आवश्यक होने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी क्षेत्र भ्रमण कर ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान करें और निर्धारित प्रपत्र एवं प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें मतदाता सूची से जोड़ने में सहयोग करें।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि शुद्ध एवं प्रमाणिक मतदाता सूची भविष्य में नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण अभिलेखीय संदर्भ सिद्ध होगी। इसलिए प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को एसआईआर के तहत मतदाता सूची में शामिल करने तथा मतदाता सूची में दर्ज विवरणों को त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से पूरी गंभीरता के साथ कार्य किया जाए। किसी पात्र भारतीय नागरिक को भविष्य में उसके मतदाता विवरण से संबंधित किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसे ध्यान में रखते हुए सत्यापन एवं सुधार की वर्तमान प्रक्रिया को पूरी सावधानी से संपन्न किया जाए।

उन्होंने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि एसआईआर से संबंधित प्रत्येक स्तर के कार्य की नियमित समीक्षा करें। एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र अथवा विदेशी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो, इस मूल उद्देश्य के अनुरूप सभी ईआरओ, एईआरओ, बीएलओ सुपरवाइजर एवं बीएलओ समन्वय के साथ कार्य करें।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि बीएलओ द्वारा डोर टू डोर विजिट के क्रम में प्रत्येक घरों का मकान संख्या अंकित अवश्य करें इसके साथ साथ जिन मकान का संख्या नहीं है उनका नोशनल नंबर देना अवश्य सुनिश्चित करें जिससे एक घर के मतदाताओं को चिन्हित किया जा सके। उन्होंने मतदाता सूची से सम्बंधित टोल फ्री नंबर 1950, बुक ए कॉल, ईमेल इत्यादि विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों एवं सहयोग का ससमय निराकरण करने का भी निर्देश दिया। इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी, पाकुड़ मेघा भारद्वाज, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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