Eksandeshlive Desk
रांची : इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की मेंबर्स इन इंडस्ट्री एंड बिजनेस कमिटी के तत्वावधान में रांची शाखा के सहयोग से “ELEVATE 2.0 – ICAI CFO Forum – Decisions That Shape India Inc.” का भव्य आयोजन होटल रामाडा, रांची में किया गया। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम रांची में आईसीएआई सीएफओ फोरम का 11वां आयोजन रहा, जिसमें देश के प्रमुख कॉरपोरेट संस्थानों के मुख्य वित्तीय अधिकारियों, वित्त निदेशकों एवं वित्तीय प्रबंधकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में सीए (डॉ.) अनुज गोयल, अध्यक्ष, मेंबर्स इन इंडस्ट्री एंड बिजनेस कमिटी; सीए प्रीति पारस सावला, उपाध्यक्ष; सीए पंकज शाह, केंद्रीय परिषद सदस्य; सीए जयेन्द्र कुमार तिवारी, क्षेत्रीय परिषद सदस्य सहित विभिन्न प्रमुख संस्थानों के वरिष्ठ वित्तीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सीसीएल के निदेशक-वित्त पवन कुमार मिश्रा, कोल इंडिया के पूर्व सीएफओ सीए सुनील कुमार मेहता, न्यूट्रल पब्लिशिंग हाउस के सीएफओ सीए आलोक पोद्दार, मेकॉन के निदेशक-वित्त मुकेश कुमार, ईसीएल के निदेशक-वित्त ए. आलम, एमएसटीसी के निदेशक-वित्त सुब्रतो सरकार, एनटीपीसी माइनिंग के निदेशक-वित्त गौरव रस्तोगी तथा वी-कैप मनी के सीएमडी विकास रंजन सहाय सहित 180 से अधिक कॉरपोरेट प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की।
अपने संबोधन में सीए (डॉ.) अनुज गोयल ने कहा कि आज के तेजी से बदलते व्यावसायिक परिवेश में सीएफओ की भूमिका केवल वित्तीय प्रबंधन तक सीमित नहीं रह गई है। वे अब रणनीतिक सलाहकार, परिवर्तनकारी नेतृत्वकर्ता, जोखिम प्रबंधक एवं सतत विकास के प्रमुख वाहक बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड को अपनी समृद्ध प्राकृतिक एवं औद्योगिक संपदा का उपयोग मूल्यवर्धन, नवाचार, विविधीकरण एवं सतत उद्यम विकास के लिए करना चाहिए। सीए प्रीति पारस सावला ने वित्तीय नेतृत्व, सुशासन, डिजिटल परिवर्तन, जोखिम प्रबंधन एवं दीर्घकालिक मूल्य सृजन को औद्योगिक विकास की आधारशिला बताया। वहीं सीए पंकज शाह ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से तकनीकी दक्षता के साथ रणनीतिक सोच, नवाचार, नेतृत्व क्षमता एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में दो महत्वपूर्ण परिचर्चाएं हुईं। पहली परिचर्चा “वित्तीय दूरदर्शिता को दीर्घकालिक व्यावसायिक लाभ में बदलना” विषय पर हुई, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आंकड़ा विश्लेषण तथा भू-राजनीतिक, मुद्रा, साइबर एवं आपूर्ति-शृंखला जोखिमों पर चर्चा हुई। दूसरी परिचर्चा “संसाधन शक्ति से उद्यम मूल्य तक—झारखंड के विकास के अगले चरण में सीएफओ की भूमिका” पर केंद्रित रही, जिसमें प्रौद्योगिकी, स्वचालन, आधारभूत संरचना, नवाचार एवं कुशल मानव संसाधन में रणनीतिक निवेश के माध्यम से झारखंड को मूल्यवर्धित एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धी उद्यमों का केंद्र बनाने पर विचार-विमर्श हुआ।कार्यक्रम के प्रारंभ में रांची शाखा के अध्यक्ष सीए अनीश जैन ने सभी अतिथियों, सीएफओ, वित्त निदेशकों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस मंच के माध्यम से झारखंड में कारोबार एवं उद्योग के नए अवसरों की खोज और विकास की संभावनाओं को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम के आयोजन में जी बिजनेस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। रांची शाखा के उपाध्यक्ष सीए विवेक खोवाल, कोषाध्यक्ष सीए हरेंद्र भारती, निवर्तमान अध्यक्ष सीए अभिषेक केडिया, कार्यकारिणी सदस्य सीए निशांत मोदी एवं सीए भुवनेश कुमार ठाकुर का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन ज़ी बिज़नेस के सौरभ मनचंदा ने किया तथा सचिव सीए दिलीप कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके पश्चात सौहार्दपूर्ण रात्रिभोज एवं आपसी संवाद का आयोजन किया गया।
