Eksandeshlive Desk
रांची: बिरसा विकास जन कल्याण समिति की ओर से रविवार को करम महोत्सव की तैयारियों को लेकर मिसिर गोंदा स्थित धुमकुड़िया में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के संरक्षक मांगा उरांव ने की, जबकि संचालन सचिव कृष्णा उरांव ने किया। इस दौरान करम पूजा को पारंपरिक रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ आयोजित करने को लेकर तैयारियों पर चर्चा की गई। मौजा के मुख्य बुद्धिजीवी चिलगू लकड़ा ने बताया कि भादो शुक्ल पक्ष एकादशी के अवसर पर 22 सितंबर को उपवास रखा जाएगा। इसी दिन शाम सात बजे पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ करम पूजा शुरू होगी।
23 सितंबर को परणा होगा, जबकि 24 सितंबर को पारंपरिक तरीके से करम राजा का गांव में भ्रमण कराया जाएगा। इसके बाद करम राजा का विसर्जन किया जाएगा। 25 सितंबर को करम ईंद जतरा का आयोजन होगा। समिति के अध्यक्ष अनिल उरांव ने कहा कि इस वर्ष भी करम पूजा पारंपरिक रीति-रिवाज, विधि-विधान और धार्मिक कर्मकांड के साथ आयोजित की जाएगी। करम पर्व आदिवासी समाज की महत्वपूर्ण परंपरा है। उन्होंने राज्य सरकार से करम पर्व के अवसर पर तीन दिवसीय राजकीय अवकाश घोषित करने की मांग की, ताकि समाज की पारंपरिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखा जा सके। बैठक में एतवा मुंडा, जग्गनाथ उरांव, सुरेश टोप्पो, बिरसा बांडो, आशीष हेमरोम, छोटू लिंडा, गंगा कच्छप, राजेश उरांव सहित समिति के पदाधिकारी, सदस्य और ग्रामवासी मौजूद थे।
