Eksandeshlive Desk
रांची: 20 सितंबर, 2026 को दुनियाभर में रॉयल एनफील्ड के हजारों राइडर प्योर मोटरसाइक्लिंग के ग्लोबल जश्न, वन राइड के लिए सड़कों पर निकलेंगे। वन राइड की शुरुआत 2011 में हुई थी, जब विभिन्न देशों और महाद्वीपों के राइडर एक साथ राइडिंग की खुशी मनाने के लिए निकले थे। इस साल रॉयल एनफील्ड की 125 वीं वर्षगांठ के अवसर पर वन राइड 60 देशों में 1,600 से अधिक राइड्स तक फैली होगी। मोटरसाइक्लिंग के साझा प्यार के लिए यह ग्लोबल आयोजन 2026 में उन जगहों के लिए एक साझा जिम्मेदारी भी प्रदर्शित करता है, जिन्होंने इन राईड्स को संभव बनाया है।
‘‘एवरी राइडर। एवरी रोड। वन मिशन।’’ की प्रेरणा के साथ वन राइड 2026 स्नो लेपर्ड के लिए समर्पित है, जो ऊंचे पहाड़ों की एक मुख्य प्रजाति और उन इलाकों की स्थायी पहचान है। हिमालय रॉयल एनफील्ड का आध्यात्मिक घर है। इस क्षेत्र को राइडर्स की कई पीढ़ियों ने एक्सप्लोर किया है और यह मोटरसाइक्लिंग की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। रॉयल एनफील्ड द्वारा वन राइड 2026 में हिस्सा लेने वाले हर राइडर के लिए स्नो लेपर्ड के संरक्षण के लिए योगदान दिया जाएगा। इससे उनका यह विश्वास प्रदर्शित होता है कि पहाड़ों के साथ रिश्ता उनके संरक्षण में मदद करने की जिम्मेदारी के साथ शुरू होता है। यह पहल रॉयल एनफील्ड के सोशल मिशन के अंतर्गत चल रहे संरक्षण कार्य को आगे बढ़ाती है। इसके सामुदायिक संरक्षण प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, उत्तराखंड, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर तक फैले हुए हैं, जहां स्नो लेपर्ड का 10,500 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ प्राकृतिक आवास आता है। इसमें से 53 वर्ग किलोमीटर का दायरा कंपनी के सामुदायिक संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत लाया गया है। भारत में वर्तमान में लगभग 718 स्नो लेपर्ड रहते हैं। वन राइड के माध्यम से यह मिशन पूरी दुनिया तक पहुंच रहा है। राइड चाहे दिल्ली में हो, लंदन में या साओ पाउलो में, इसमें भाग लेने वाला हर राइडर ऊंचे हिमालय में चल रहे संरक्षण कार्यों में अपना योगदान देगा।
