बुंडू: पंचपरगनिया भाषा प्रेमी द्वारा सूर्य मंदिर बुंडू परिसर में पांच वां भादर मिलन समारोह 2026 मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा एवं राजकिशोर स्वांसी, बुटन देवी, सोमबारी देवी, डॉ. तारकेश्वर सिंह मुंडा और पुरेंद्र नाथ अहीर के वंदना गीत से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षक डॉ. गोविन्द महतो ने किया।
पंचपरगनिया भाषा विकास केन्द्रीय समिति के सचिव डॉ. करमचंद्र अहीर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवाओं को संस्कृति से जोड़ने का अवहान किया। इन्होंने भाषा संस्कृति को जीवन्त बनाए रखने हेतु पांच परगना क्षेत्र के हर एक गांव में अखड़ा का निर्माण करने की बात कही तभी हमारे क्षेत्र के विलुप्त होती कला – संस्कृति को संरक्षित किया जा सकता है।
रांची विश्वविद्यालय के पंचपरगनिया/कुरमाली विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. तारकेश्वर सिंह मुंडा ने कहा कि पांच परगना क्षेत्र को कला – संस्कृति का प्रमुख स्थान माना जाता है। यह सिर्फ पंचपरगनिया भाषा का ही कार्यक्रम नहीं बल्कि ये पांच परगना क्षेत्र के भाषाओं का कार्यक्रम है। इस प्रकार का सांस्कृतिक आखड़ा नए युवाओं को बहुत कुछ सिखाता है।
पीपीके कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर कृष्ण सिंह मुंडा ने कहा पंचपरगनिया भाषा अभी तक शिशु काल में ही है इसे हम सभी को मिलकर आगे बढ़ाने की जरूरत है। छात्र-छात्राओं को अपनी भाषा संस्कृति को समृद्ध करने के लिए अपने गीत संगीत और अपनी कला संस्कृति को आगे बढ़ने का संदेश दिया।
पीपीके कॉलेज के मुंडारी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. लखींद्र मुंडा ने कहा कि के भाषा – संस्कृति और कला – संस्कृति को बचा कर रखना है। कला – संस्कृति को किस तरह से बचा कर रखना है इस पर एक बहुत सुन्दर गीत भी गाए। रांची विश्वविद्यालय की किशोरी कुमारी तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के राकेश स्वांसी और खुशबू रानी को पीजी टॉपर के रूप में सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंचपरगनिया भाषा विकास केन्द्रीय समिति के सचिव डॉ. करमचंद्र अहीर विशिष्ट अतिथि के रुप में बुटन देवी, सोमबारी देवी, डॉ. तारकेश्वर सिंह मुंडा, लखीचरण सिंह मुण्डा, जगजीवन लोहरा, संजोती देवी, डॉ. लखींद्र मुण्डा, डॉ. दीनबंधु महतो, डॉ. दिनेश प्रसाद सिंह, प्रो. भुतनाथ प्रमाणिक, गोरेन्द्र नाथ गोंझू, विद्यासागर यादव, राम दुर्लभ सिंह मुंडा, राजकुमार बिंझिया, मोहन स्वांसी, अजय मुण्डा, गुरूवा लोहरा आदि थे।
भादर मिलन समारोह में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची, पांच परगना किसान महाविद्यालय बुंडू, डोरंडा काॅलेज रांची, सिल्ली कॉलेज सिल्ली, महिला महाविद्यालय रांची,विश्वविद्यालय पंचपरगनिया विभाग रांची विश्वविद्यालय रांची, उच्च विद्यालय बुढ़ाडीह, उच्च विद्यालय, तडा़ई, उच्च विद्यालय सारजमडीह, के छात्र-छात्राओं द्वारा उत्साहपूर्वक गीत प्रस्तुत कर पारंपरिक वाद्य यंत्र के साथ नृत्य प्रस्तुत किया एवं पंचपरगनिया संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर कृष्ण सिंह मुंडा, सैनाथ मुंडा, मृत्युंजय दास, सुरेश चंद्र, हलधर, सहदेव, मोहित, प्रीतम, ललित, सुदर्शन, सुनीता देवी, लखी, लखीमनी, काजल कृष्णा, दिवाकर, लखीचरण, अशोक, जितेंद्र, जयराम, बुद्धेश्वर, शिवशंकर, प्रधान, राजेन्द्र, भोलानाथ, प्रदीप, गुरु प्रसाद, बिष्णु एवं समस्त पंचपरगनिया कला एवं संस्कृति प्रेमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. गोविंद महतो और सुदर्शन अहीर ने तथा समापन सामूहिक गीत से तथा धन्यवाद ज्ञापन में सुरेश चंद्र महतो ने आयोजकों तथा सभी उपस्थित लोगों का आभार प्रकट करते हुए पंचपरगनिया भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण हेतु निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। मुख्य अतिथियों एवं समन्वयकों ने इस आयोजन को भाषा प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बताया।
