बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में 11 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक
सभी पाठ्यक्रमों में सर्वाधिक ओजीपीए 8.953 के लिए दरखशां तईयब को चांसलर गोल्ड मेडल
By Sunil
रांची । राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि देश की समृद्धि किसानों की प्रगति से सीधे जुड़ी हुई है। इसलिए कृषि विश्वविद्यालयों से स्नातक व स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाले विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग किसानों व कृषि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के समाधान में करना चाहिए। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनना चाहिए। राज्यपाल वृहस्पतिवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान के सकारात्मक परिणाम केवल प्रयोगशालाओं और अनुसंधान फार्म तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका प्रभाव किसानों के खेतों में भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लगभग सभी विश्वविद्यालयों के अपने दौरों के दौरान यह उत्साहजनक प्रवृत्ति देखने को मिली है कि छात्राएँ उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज और देश की प्रगति में छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। गंगवार ने युवा डिग्रीधारकों से किसानों तक तकनीक पहुँचाने तथा उन्हें सशक्त बनाने के लिए ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि किसान वर्ष में 2-3 फसलें ले सकें। उन्होंने कहा कि युवाओं को कृषि पेशा की ओर आकर्षित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। अतिथियों का स्वागत करते हुए बीएयू के कुलपति डॉ एससी दुबे ने कहा कि कृषि केवल एक व्यवसाय नहीं है, बल्कि यह खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और राष्ट्रीय विकास की आधारशिला है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने जीवन का मूल्यांकन केवल प्राप्त पद, अर्जित वेतन या मिली प्रतिष्ठा से न करें, बल्कि इस आधार पर करें कि उन्होंने कितने लोगों के जीवन में सुधार किया, कितने लोगों की सहायता की, कितना ज्ञान साझा किया और किन मूल्यों को अपनाया। कुलपति ने बताया कि बीएयू के वैज्ञानिकों ने पिछले वर्ष 1.11 लाख से अधिक किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी पहुँचाई तथा 10 उन्नत फसल किस्में विकसित कर जारी की।
एमएससी (एग्रोनॉमी) सत्र 2022-23 की छात्रा दरखशां तईयब को सभी पाठ्यक्रमों में सर्वाधिक ओजीपीए 8.953 प्राप्त करने पर कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में अर्जुन कुमार अग्रवाल , उदीशा भानु , प्रिंसी तथा दरखशां तईयब (एमएससी, एग्रोनॉमी) शामिल हैं। स्नातक कार्यक्रमों में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में विशाल कुमार , आयुष कुमार सिंह , अर्पित राज , निहाल प्रत्यूष , अनन्या तथा मधु प्रिया शामिल हैं। कुल मिलाकर 335 स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियाँ प्रदान की गई। इनमें कृषि संकाय के 231, वानिकी संकाय के 24 तथा पशु चिकित्सा एवं पशुपालन संकाय के 80 विद्यार्थी शामिल हैं। इसके अलावा 48 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर तथा 4 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री प्रदान की गयी।
