स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा भंडारण और एआई पर होगा शोध, कार्बन उत्सर्जन घटाने पर भी रहेगा जोर
Eksandeshlive Desk
पूर्वी सिंहभूम: ऊर्जा क्षेत्र में नई तकनीकों के विकास और शोध को बढ़ावा देने के लिए टाटा पावर और ब्रिटेन के प्रतिष्ठित इम्पीरियल कॉलेज लंदन ने साझेदारी की है। दोनों संस्थानों ने इस संबंध में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग के तहत ऊर्जा संक्रमण से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुसंधान, तकनीकी सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। मंगलवार को टाटा स्टील की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस साझेदारी में बिजली ग्रिड की कार्यक्षमता और लचीलेपन को बेहतर बनाने, ऊर्जा भंडारण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग, डिजिटल ऊर्जा प्रणालियों और उन्नत ऊर्जा तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने के उपायों पर भी शोध किया जाएगा।
टाटा पावर को ऊर्जा अवसंरचना के बड़े स्तर पर विकास और संचालन का अनुभव है, जबकि इम्पीरियल कॉलेज लंदन के पास शोध और तकनीकी नवाचार की विशेषज्ञता है। दोनों संस्थानों की क्षमताओं के मेल से ऊर्जा क्षेत्र की व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान तलाशने और नई तकनीकों को विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। ब्रिटेन सरकार के व्यापार एवं व्यवसाय मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने इस साझेदारी को भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की शोध क्षमता और भारतीय उद्योगों की विशेषज्ञता का मेल बड़े बदलाव ला सकता है। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच नए व्यापार समझौते से पैदा होने वाले अवसरों के तहत यह सहयोग स्वच्छ और अधिक स्मार्ट ऊर्जा समाधान विकसित करने में मदद करेगा। इससे दोनों देशों में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी समर्थन मिलने की उम्मीद है। दोनों संस्थानों का लक्ष्य शोध और नवाचार को व्यावहारिक समाधानों में बदलना है। इस साझेदारी से अधिक भरोसेमंद, लचीली और कम कार्बन उत्सर्जन वाली ऊर्जा प्रणालियों के विकास को गति मिलने के साथ भारत और ब्रिटेन के बीच तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान भी मजबूत होगा।
