रिपोर्ट – अक्बर अंसारी
रामगढ़। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से कांके बार स्थित ओहदार भवन में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह सभा भाकपा के वरिष्ठ नेता व छोटकी पोना पंचायत के पूर्व मुखिया दिवंगत कॉमरेड मंगल ओहदार तथा पूर्व मुखिया टिकेन्द्र महतो की स्मृति में आयोजित हुई। कार्यक्रम की शुरूआत उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित करने और दो मिनट का मौन रखकर की गई। सभा में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित भाकपा के प्रदेश सचिव कॉमरेड महेन्द्र पाठक ने कहा कि मंगल ओहदार सच्चे अर्थों में कम्युनिस्ट और ईमानदार जननेता थे। उन्होंने 1970-80 के दशक में महाजनी प्रथा और सामंती शोषण के खिलाफ जोरदार संघर्ष कर सैकड़ों गरीब परिवारों को कर्जमुक्त कराया। मुखिया के रूप में पारदर्शी कार्य करने के साथ-साथ उन्होंने सीसीएल और टाटा जैसी कंपनियों द्वारा जमीन अधिग्रहण, विस्थापन और खदान मजदूरों के अधिकारों के लिए कई आंदोलनों की अगुवाई की। आजादी बचाओ आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. मिथिलेश डांगी, डॉ. बी.एन. ओहदार और बोकारो जिला सचिव गणेश महतो सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि मंगल ओहदार का नारा था,खेत बचेगा तो गांव बचेगा, गांव बचेगा तो देश बचेगा। वे कई बार जेल गए और लाठियां खाईं, लेकिन अधिकारों से कभी समझौता नहीं किया। उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मौके पर चितरंजन महतो, सुरजीत कुमार, कर्मा मांझी, सिकंदर ओहदार, कयूम मलिक, अधिवक्ता शंभू कुमार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
