एशियाई पैरा खेलों का भव्य आगाज, ‘इमेजिन वन हार्ट’ की थीम ने दिया एकजुटता का संदेश

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Eksandeshlive Desk

नागोया: जापान के आइची-नागोया में रविवार को पांचवें एशियाई पैरा खेल-2026 का रंगारंग और भावनात्मक उद्घाटन समारोह के साथ आगाज हुआ। नागोया स्थित पालोमा मिजुहो स्टेडियम में आयोजित समारोह में कला, संस्कृति, आधुनिक तकनीक और मानवीय दृढ़ संकल्प का अनूठा संगम देखने को मिला। पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता प्रमोद भगत और धाविका सिमरन शर्मा ने भारतीय दल के ध्वजवाहक के रूप में तिरंगे के साथ मार्च किया। इस बार इन खेलों में पहली बार एशिया की सभी 45 राष्ट्रीय पैरालंपिक समितियों की भागीदारी हो रही है। सात दिन तक चलने वाले इन खेलों का समापन 24 अक्टूबर को होगा। प्रतियोगिता में 18 खेलों की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। आयोजकों के अनुसार, इसमें करीब चार हजार खिलाड़ियों और अन्य प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। सभी 45 देशों की भागीदारी एशिया में पैरा खेलों के बढ़ते विस्तार, एकजुटता और समावेशी भावना को दर्शाती है।

‘इमेजिन वन हार्ट’ की थीम ने दिया एकजुटता का संदेश: उद्घाटन समारोह की मुख्य थीम ‘इमेजिन वन हार्ट’ रही, जिसका उद्देश्य खेल के माध्यम से दुनिया को एकजुट करने, मानवीय भावनाओं को जोड़ने और सामाजिक बाधाओं को दूर करने का संदेश देना था। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जापान की पारंपरिक कला और आधुनिक प्रस्तुति का मेल देखने को मिला। समारोह का कलात्मक हिस्सा ‘वाबी’ की अवधारणा पर केंद्रित रहा। इसका भाव ‘हम सभी खूबसूरत और विशिष्ट व्यक्ति हैं’ से जुड़ा है। जापानी सौंदर्य दर्शन ‘वाबी-साबी’ से प्रेरित इस प्रस्तुति ने संदेश दिया कि हर व्यक्ति का शरीर, जीवन यात्रा और व्यक्तित्व अपने आप में अनूठा है। दिव्यांगता के बावजूद अपनी क्षमताओं को पहचानने और चुनौतियों का सामना करने की भावना को नृत्य, संगीत, प्रकाश और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के जरिए दर्शाया गया।

जापानी संस्कृति और आधुनिक तकनीक का संगम: समारोह में मेजबान आइची प्रांत की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रमुखता दी गई। पारंपरिक जापानी लोक संगीत और उत्सवों से जुड़े नृत्यों ने कार्यक्रम को स्थानीय रंग दिया। सैकड़ों कलाकारों, संगीतकारों और नर्तकों ने सामूहिक प्रस्तुतियों के जरिए जापानी संस्कृति की झलक पेश की। समारोह के कलात्मक निर्देशन और नृत्य संयोजन की जिम्मेदारी जापान के समकालीन नृत्य कलाकार काइजी मोरियामा ने संभाली। दृष्टिबाधित कलाकार रियो सेकीबा की प्रस्तुति भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। उनकी प्रस्तुति के माध्यम से संवेदनाओं, कलात्मक अभिव्यक्ति और मानवीय संकल्प की शक्ति को सामने रखा गया। दर्शकों के लिए समावेशी तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को मोबाइल फोन पर वास्तविक समय में उपशीर्षक और ऑडियो विवरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई, ताकि सुनने और देखने में कठिनाई का सामना करने वाले लोग भी कार्यक्रम का अनुभव ले सकें।

प्रमोद भगत और सिमरन शर्मा ने संभाली ध्वजवाहक की जिम्मेदारी: भारतीय दल के लिए समारोह का सबसे खास पल तब आया, जब पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत और पैरा एथलेटिक्स की धाविका सिमरन शर्मा ने तिरंगा लेकर भारतीय दल की अगुवाई की। दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मौजूदगी दर्ज कराई। भारतीय दल में 168 खिलाड़ी शामिल हैं, जिनसे विभिन्न खेलों में पदक जीतने की उम्मीद है। शुरुआत में टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल को भगत के साथ ध्वजवाहक बनाया गया था, लेकिन 19 अक्टूबर को होने वाले उनके महत्वपूर्ण क्वार्टर फाइनल मुकाबले को देखते हुए बदलाव किया गया। मुकाबले से पहले उन्हें पर्याप्त आराम देने के उद्देश्य से सिमरन शर्मा को ध्वजवाहक की जिम्मेदारी सौंपी गई।

जापान का ध्वज फहराया, व्हीलचेयर रग्बी खिलाड़ी ने प्रज्वलित की मशाल: उद्घाटन समारोह के दौरान मेजबान जापान का राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। जापान की ओर से व्हीलचेयर रग्बी खिलाड़ी कात्सुया हाशिमोतो ने मुख्य स्टेडियम की मशाल प्रज्वलित कर खेलों के औपचारिक शुभारंभ को यादगार बनाया। मेजबान देश के ध्वजवाहक के रूप में भी हाशिमोतो ने मार्च किया। एशियाई पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष माजिद राशिद ने इस आयोजन को महाद्वीप के पैरा खेल आंदोलन के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सभी 45 देशों की भागीदारी खेलों की बढ़ती पहुंच, एकता और मजबूती का प्रमाण है। खेल पैरा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और संघर्ष क्षमता दिखाने का मंच देने के साथ विभिन्न देशों को भी एक सूत्र में बांधते हैं।

उद्घाटन से पहले ही शुरू हो चुके हैं मुकाबले: कुछ खेलों की स्पर्धाएं उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो गई थीं। शुक्रवार को व्हीलचेयर बास्केटबॉल की प्रारंभिक स्पर्धाओं में जापान की पुरुष और महिला टीमों ने जीत दर्ज की। शनिवार को जापान की पुरुष गोलबॉल टीम ने कतर को, जबकि महिला टीम ने थाईलैंड को हराया। आइची-नागोया एशियाई पैरा खेल-2026 में खेल उत्कृष्टता के साथ समावेशिता, समान अवसर और मानवीय दृढ़ संकल्प को केंद्र में रखा गया है। सभी 45 देशों की भागीदारी और भारतीय दल की अगुवाई करते प्रमोद भगत तथा सिमरन शर्मा की मौजूदगी ने उद्घाटन समारोह को खास बना दिया।

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