Eksandeshlive Desk
पूर्वी सिंहभूम: परसुडीह थाना क्षेत्र के प्रमथनगर में बुधवार रात मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान आतिशबाजी को लेकर पूजा कमेटी के दो गुटों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। घटना में दोनों पक्षों के एक-एक युवक के घायल होने की जानकारी है। मारपीट से आक्रोशित लोगों ने परसुडीह थाना के मुख्य गेट के सामने दुर्गा प्रतिमा रखकर करनडीह मुख्य मार्ग जाम कर दिया। इस वजह से करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा। स्थिति नियंत्रित करने पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। हलुदबनी के चित्तरंजन लेन निवासी 52 वर्षीय नरेन नंदी ने इस मामले में गुरुवार काे परसुडीह थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि बुधवार शाम करीब छह बजे विसर्जन के दौरान मानिक मल्लिक, रघु मल्लिक और शुभम झा ने धारदार हथियार तथा लाठी-डंडों से उन पर हमला किया। हमले में नरेन नंदी के सिर पर चोट लगी। उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके सिर पर तीन टांके लगाये गये।
रसुडीह थाना के मुख्य गेट के सामने प्रतिमा रखकर विरोध प्रदर्शन: वहीं, दूसरे पक्ष के एक युवक के भी घायल होने की बात सामने आयी है। मारपीट की घटना से नाराज पूजा कमेटी के सदस्यों ने परसुडीह थाना के मुख्य गेट के सामने प्रतिमा रखकर विरोध प्रदर्शन किया। सड़क जाम होने से करनडीह मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान पूर्व जिला परिषद सदस्य सुदीप्तो डे राणा भी मौजूद थे। उन्होंने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए मानिक मल्लिक और उनके बेटे के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही थाना गेट के सामने से प्रतिमा हटाने के तरीके पर भी आपत्ति जतायी। सूचना मिलने पर लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी अमित कुमार और ट्रैफिक प्रभारी अजय कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। समझाने-बुझाने के बाद प्रतिमा को थाना गेट के सामने से हटाकर विसर्जन के लिए रवाना किया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के लोगों को थाने बुलाकर घटना की जानकारी ली गयी।इधर, शिकायत दर्ज कराने पहुंचे सुदीप्तो डे राणा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसकी जानकारी मिलने पर भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता थाने पहुंचे और विरोध जताया। इसके बाद सुदीप्तो डे राणा को छोड़ दिया गया। परसुडीह पुलिस के अनुसार, पूजा कमेटी के दो गुटों के बीच आपसी विवाद को लेकर मारपीट हुई है। दोनों पक्षों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
मां दुर्गा की विदाई में भक्ति की जगह फूहड़ गीतों का शोर: मां दुर्गा की विदाई का अवसर श्रद्धा, भावुकता और आस्था से जुड़ा होता है। नम आंखों से भक्त मां को विदा करते हैं और अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हैं। लेकिन बुधवार को शहर में प्रतिमा विसर्जन के दौरान कुछ जुलूसों में बजाए गए फूहड़ गीतों ने धार्मिक आयोजनों की मर्यादा और सामाजिक संस्कारों पर सवाल खड़े कर दिए। एक ओर भक्त मां को भावपूर्ण विदाई दे रहे थे, तो दूसरी ओर तेज डीजे पर बजते गीतों का शोर चर्चा का विषय बना रहा। विसर्जन जुलूसों में “तोहार लहंगा उठा देम रिमोट से”, “नया-नया ड्राइवर ह”, “लहरिया लूट ए राजा”, “चुम्मा-चुम्मा दे-दे चुम्मा” और “कमरिया करे लापा-लप” जैसे गीत बज रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना इस तरह का गाना मां दुर्गा के विसर्जन में बजाना उचित नहीं। इसको लेकर पूर्वी सिंहभूम दुर्गा पूजा कमेटी के अध्यक्ष सह भाजपा नेता दुलाल भुईयां ने कड़ा विरोध दर्ज करते हुए कहा कि फूहड़ गीत बजाने वाले दुर्गा पूजा पंडाल के लाइसेंस धारी पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और परिवार के लोग शामिल होते हैं। इसलिए पूजा समितियों और डीजे संचालकों को गीतों के चयन तथा ध्वनि स्तर के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए। प्रशासन को भी निर्धारित ध्वनि मानकों और नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। आधुनिकता अपनाना गलत नहीं, लेकिन उसके नाम पर सांस्कृतिक मर्यादा को भूल जाना चिंताजनक है। मां की विदाई ऐसी होनी चाहिए, जिसमें श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सद्भाव दिखाई दे।
