रामलीला मैदान में झारखंड कांग्रेस की हुंकार, लोकतंत्र बचाने जुटे कांग्रेसी
Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली: रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता विजय शंकर नायक झारखंड से पहुंचे रामदेव यादव,झारखंड प्रदेश कांग्रेस समन्वयक सह पलामु जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष, प्रदेश प्रवक्ता मोहम्मद शकील अख्तर, जिला रांची कांग्रेस अध्यक्ष सोमनाथ मुण्डा, भारतीय दलित वर्ग संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन कुमार कालिंदी की अगुवाई में फिरोज रिजवी मुना, गणेश रवि, सहित, सदन कुमार, जिला उपाध्यक्ष विनोद कुमार मुण्डा, जिला महासचिव जाकीर, महेश शर्मा सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने झारखंड भवन से चलकर रामलीला मैदान तक उत्साहपूर्वक भाग लिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और देश के नागरिकों के मताधिकार की रक्षा का संकल्प लेते हुए केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निष्पक्ष चुनाव और मताधिकार की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। जनता के वोट के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करता है। कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ केवल कांग्रेस का नारा नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का राष्ट्रीय संकल्प है। आज रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब यह संदेश दे रहा है कि देश की जनता लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी। नायक ने कहा कि झारखंड के कांग्रेस कार्यकर्ता हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, संविधान और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं। दिल्ली की इस महारैली में झारखंड से पहुंचे सैकड़ों साथियों की भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड कांग्रेस संगठनात्मक रूप से पूरी तरह सक्रिय और संघर्ष के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि देश का लोकतंत्र किसी एक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की साझा विरासत है। संविधान ने प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार दिया है और इस अधिकार की रक्षा करना प्रत्येक लोकतंत्रप्रेमी नागरिक का कर्तव्य है। रैली में झारखंड से पहुंचे कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय और मताधिकार की रक्षा की लड़ाई को गांव से लेकर राजधानी तक मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
