Eksandeshlive Desk
झुंझुनू: झुंझुनू जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में सोमवार को सड़क बना रहे आठ मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई। पांच लोग झुलस गए। उनका उदयपुरवाटी सीएचसी में इलाज चल रहा है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजनो को 2-2 लाख के मुआवजा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे में श्रमिकों की असामयिक मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है। उदयपुरवाटी थानाधिकारी रामपाल ने बताया कि हादसा छापोली-कदंब कुंड मार्ग पर सीकर-नीमकाथाना स्टेट हाईवे से करीब 150 मीटर दूर हुआ। रोड़ी-बजरी मिलाने के काम में आने वाली एक मशीन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। इससे उसमें करंट दौड़ गया। वहां काम कर रहे मजदूर करंट की चपेट में आ गए। हाईवोल्टेज लाइन का तार रोड़ी-बजरी (कंक्रीट) मिक्सर मशीन के हाइड्रोलिक जैक से टच हुआ था। घटना के बाद ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया।
हादसे में हालेड़ा मंडावरा निवासी हरिराम गुर्जर (30) पुत्र शंकर लाल, मंगलचंद (22) पुत्र गिरधारीलाल गुर्जर, कालूराम गुर्जर (29) पुत्र भीखाराम गुर्जर और पवन गुर्जर (23) पुत्र जगदीश गुर्जर की माैत हाे गई। ये चारों एक परिवार के थे। इसके अलावा छापोली निवासी विष्णु सैनी (38) पुत्र नानूराम सैनी, सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी (30) पुत्र महावीर सैनी, मुकेश सैनी (27) पुत्र शंकरलाल सैनी और फतेहचंद सैनी (32) पुत्र जगदीश की भी करंट की चपेट में आने से मृत्यु हो गयी। हादसे में छापोली निवासी महेंद्र पुत्र बनवारी लाल सैनी, गीता देवी (45) पत्नी मदन लाल मेघवाल, संतरा देवी (35) पत्नी सतीश मेघवाल, गिदाराम (45) पुत्र धन्नाराम सैनी और मंजू देवी (38) पत्नी राजेश कुमार घायल (झुलसे) हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन और बिजली विभाग की लापरवाही है। पोल और बिजली लाइन पेड़ के टच हो रहे हैं। लाइन काटने के लिए फोन किया तो ग्रिड सबस्टेशन (जीएसएस) पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। घायल गिदाराम सैनी ने कहा कि छापोली में हम सभी मशीन को धक्का देकर दूसरी जगह लगा रहे थे, इसी दौरान वह तार के टच हो गई और करंट लग गया। मौके पर 12-13 लोग थे। ग्रामीण घटनास्थल पर कलेक्टर को बुलाने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे, जिसके बाद पुलिस ने समझाइश कर लोगों को शांत करवाया। हादसे की जानकारी मिलने पर झुंझुनूं कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग, एसपी कावेंद्र सिह सागर, विधायक भगवानाराम सैनी सहित कई लोग मौके पर पहुंचे। यूडीएच मंत्री झाबरसिंह खर्रा भी मौके पर पहुंचे। लोगों से घटना की जानकारी ली।बाद में खर्रा ने मुख्यमंत्री शर्मा काे घटना से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे में श्रमिकों की असामयिक मृत्यु पर दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार, प्रभावित परिवारों को तत्काल हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और घटना की जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और शोकाकुल परिवारों को दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना भी की। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि उदयपुरवाटी के छापोली गांव में मजदूरों की करंट लगने से हुई मौत बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच आवश्यक है, ताकि यह पता चल सके कि सड़क निर्माण के दौरान हादसा कैसे हुआ और इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है। गहलोत ने राज्य सरकार से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की।
