अक्षय तृतीया पर भक्ति और श्रद्धा का संगम, श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में हुआ भव्य आयोजन

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News by Sunil

रांची : पुंदाग स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर परिसर में अक्षय तृतीया का पावन पर्व इस वर्ष अत्यंत हर्षोल्लास, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। संत शिरोमणि परमहंस स्वामी सदानंद महाराज के सानिध्य में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं के मन को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकालीन पूजा-अर्चना से हुआ, जिसमें मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडेय ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्री राधा-कृष्ण की पूजा संपन्न कराई। इस पावन अवसर पर श्री राधा रानी का विशेष श्रृंगार किया गया, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। उन्हें नवीन भगवा पोशाक एवं जड़ित आभूषणों से सुसज्जित किया गया, जिसकी दिव्यता और सौंदर्य ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का अद्भुत वातावरण व्याप्त था। ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। राधे-राधे और श्याम नाम के संकीर्तन से श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और सभी ने सामूहिक रूप से भक्ति रस में डूबकर ईश्वर का स्मरण किया।इस अवसर पर भगवान को विविध प्रकार के भोग अर्पित किए गए। प्रसाद स्वरूप बेसन के लड्डू, केसरिया पेड़ा, मेवा, फल एवं वेजिटेबल खिचड़ी का विशेष भोग लगाया गया। साथ ही शीतल पेय के रूप में शरबत भी भगवान को अर्पित किया गया। पूजा के उपरांत थालियों में दीप सजाकर भव्य सामूहिक महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक साथ भाग लिया। आरती के दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
महाआरती के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ प्रसाद ग्रहण किया और इस पुण्य अवसर का लाभ उठाया।कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने अक्षय तृतीया के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया का पर्व सनातन धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन किए गए दान, जप, तप एवं धार्मिक कार्य अक्षय फल प्रदान करते हैं, अर्थात इनका पुण्य कभी समाप्त नहीं होता। यही कारण है कि इस दिन धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व होता है।इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि समाज में एकता, सेवा और भक्ति की भावना को भी प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर-डूंगरमल अग्रवाल, निर्मल जालान, राजेंद्र अग्रवाल, मनोज कुमार चौधरी, सज्जन पाड़िया, पूरणमल सर्राफ, संजय सर्राफ, सुनील पोद्दार, सुरेश अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, विष्णु सोनी, अंजनी अग्रवाल, मनीष सोनी, पवन पोद्दार, सुरेश भगत, आदि उपस्थित थे।

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