अमेरिका में डिटेन हुआ लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य हरि बॉक्सर

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Eksandeshlive Desk

जयपुर: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य हरिचंद जाट उर्फ हरि बॉक्सर को राजस्थान पुलिस की एटीएस-एजीटीएफ के प्रयासों से अमेरिकी एजेंसी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) ने डिटेन कर लिया है। अब उसे भारत लाने की कार्रवाई जारी है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एटीएस/एजीटीएफ/एएनटीएफ) दिनेश एमएन के अनुसार आरोपी विदेश में बैठकर राजस्थान सहित छह राज्यों में रंगदारी, हत्या और फायरिंग की वारदातों का संचालन कर रहा था। वह लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग के लिए हथियारों की आपूर्ति भी करता था।

चालीस वर्षीय हरिचंद जाट निवासी चतरपुरा, जिला कोटपूतली-बहरोड़ अप्रैल 2023 में विदेश फरार हो गया था। वह राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में रंगदारी की धमकियों और फायरिंग के मामलों में वांछित है। मुंबई में बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग करवाने के बाद उसने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी भी ली थी। गैंग के सदस्य व्हाट्सऐप और सिग्नल के जरिए वीओआईपी कॉल तथा वीपीएन का इस्तेमाल कर व्यापारियों से रंगदारी मांगते हैं और रकम नहीं देने पर गोलीबारी करवाते हैं। आरोपी के खिलाफ राजस्थान के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, संगठित अपराध, चोरी और मारपीट सहित 22 से अधिक मामले दर्ज हैं। आर्म्स एक्ट के प्रकरण में वांछित होने पर 14 नवंबर 2024 को सीबीआई और इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया गया था।

जांच में सामने आया कि वह दुबई से डोमिनिकन रिपब्लिक, फिर गुयाना और मैक्सिको बॉर्डर के रास्ते डंकी रूट से अमेरिका पहुंचा और कैलिफोर्निया में रहने लगा। फरवरी 2025 में गुयाना में लोकेशन मिलने पर उसके खिलाफ प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट भेजी गई, लेकिन वह वहां से फरार हो गया। एजीटीएफ ने सीबीआई के माध्यम से करीब पांच देशों को 14 इंटरपोल रेफरेंस भेजे तथा दिसंबर 2024 से जुलाई 2026 के बीच अमेरिका को नौ इंटरपोल नोटिस भेजे। इसके अलावा 21 फरवरी 2025 को गिरफ्तारी अनुरोध, 19 अगस्त 2026 को अद्यतन डोजियर और 29 अक्टूबर 2026 को फिंगरप्रिंट उपलब्ध करवाए गए। तकनीकी टीम ने विदेशी मोबाइल नंबरों का विश्लेषण कर अहम सूचनाएं जुटाईं। आरोपी भारत से पासपोर्ट नंबर X6875815 के जरिए फरार हुआ था।

इस कार्रवाई में डीआईजी योगेश यादव के सुपरविजन में एएसपी सिद्धांत शर्मा, डीएसपी रविन्द्र प्रताप, निरीक्षक सुनील जांगिड़, मनीष शर्मा और रामविलास विश्नोई की टीम की अहम भूमिका रही। वहीं इंटरपोल शाखा के एएसपी नरोत्तम लाल वर्मा के नेतृत्व में कमलपुरी, उम्मेद सिंह, रमेश कुमार, संतोष टेलर, महावीर प्रसाद, सुभाष, श्रवण, सुरेन्द्र और सावित्री सहित टीम ने दस्तावेजी और अंतरराष्ट्रीय समन्वय का काम संभाला। तकनीकी टीम के मोहन भूरिया और जगसीर सिंह ने भी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। आरोपी को भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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