अपेक्षित अहर्ता को पूरा नहीं करनेवाले झारखण्ड आंदोलनकारियों की मान्यता रद्द हो : डॉ. सूरज मंडल

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राज्यपाल संतोष गंगवार के साथ भेंट कर पूर्व सांसद ने झारखण्ड आंदोलनकारी चिन्हितिकरण समिति को भंग करने की माँग की.

रांची: पूर्व सांसद पूर्व जैक उपाध्यक्ष, झारखण्ड मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष, भाजपा नेता और अखिल भारतीय सम्पूर्ण क्रांति राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. सूरज मंडल ने कहा है कि कठिन संघर्ष के बाद अलग झारखण्ड प्रदेश का गठन किया गया और इसकी पृष्ठभूमि में अनेक आंदोलनकारियों का सक्रिय योगदान है. लेकिन वर्तमान सरकार जिस रूप में झारखण्ड आंदोलनकारी चिन्हितिकरण आयोग के माध्यम से जिस अवान्छित तरीके आंदोलनकारियों की पहचान कर रही है उससे एक आंदोलनकारी होने के नाते उनके मन में गंभीर चिन्ता है. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के साथ आज राजभवन में डॉ. मंडल ने एक प्रतिनिधि मंडल के साथ मुलाकात की. डॉ. मंडल ने इस संदर्भ में उन्हें एक ज्ञापन एक सौंपा. अपने ज्ञापन में पूर्व सांसद डॉ. मंडल ने मांग की है कि झारखण्ड राज्य आंदोलनकारी चिन्हितिकरण आयोग में नरसिंह मुर्मू और भुवनेश्वर महतो सदस्य हैं और इन दोनों की एक समिति भी काम कर रही है जो किसी व्यक्ति की पहचान कर उसे आंदोलनकारी होने का प्रमाण पत्र देती है जिसके आधार पर उन्हें सरकार की ओर से पेंशन एवं अन्य सुविधायें दी जाती है. इसके अतिरिक्त पुष्कर महतो के द्वारा भी आंदोलनकारियों को ऐसा ही प्रमाण पत्र निर्गत किया जा रहा है. डॉ. मंडल ने कहा कि इन सभी लोगों के द्वारा जिन लोगों को तथाकथित आंदोलनकारी होने के मामले में जिस प्रकार से अपेक्षित अहर्ताओं और सभी प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर मान्यता दी जा रही है वह गंभीर चिंता और अफसोस की बात है. डॉ. मंडल ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि इन सदस्यों की तथाकथित समिति को तत्काल भंग करने और किसी व्यक्ति को झारखण्ड आंदोलनकारी की मान्यता देने के संदर्भ में की गई समस्त अनुशंशाओं को निरस्त करने के लिये वे सरकार को निर्देशित करें.

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