News by Mustaffa
मेसरा (रांची): क्रांति के महानायक और जनजातीय गौरव भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस (9 जून) के अवसर पर ओरमांझी स्थित जैविक उद्यान चकला परिसर में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। भगवान बिरसा मुंडा स्मारक समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वीणा देवी मुंडा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत पुजारी दिल रंजन पाहन ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ की,जिसके बाद उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष की अमर प्रेरणा हैं। महज 25 वर्ष की उम्र में जल,जंगल,जमीन और संस्कृति की रक्षा के लिए उनके द्वारा छेड़ा गया उलगुलान (क्रांति) आज भी उतना ही प्रासंगिक है। आज की युवा पीढ़ी को उनके स्वाभिमान और देशप्रेम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की सख्त जरूरत है। उनके सपनों का समाज बनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जल,जंगल और जमीन की रक्षा करना ही धरती आबा के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. बसंत उरांव,अशोक मुंडा,सुनीता कश्यप,मंगल उरांव,बुद्धेश्वर मुंडा,सुरेंद्र उरांव,पंकज मुंडा,राकेश कुमार,मनी मुंडा सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित थे।
