चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, नेपाल में आज से 31 अक्टूबर तक बारिश-बर्फबारी की चेतावनी, विमानन सुरक्षा सतर्कता बढ़ाने का निर्देश

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Eksandeshlive Desk

काठमांडू: नेपाल में चक्रवात ‘अर्नब’ और पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 29 से 31 अक्टूबर तक मौसम प्रभावित हो सकता है। विभाग ने लोगों से आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह किया है। विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, गुरुवार को देश के हिमाली जिलों में बर्फबारी होने या बर्फीली आंधी चलने की संभावना है। वहीं, शुक्रवार और शनिवार को देशभर में बारिश और बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। संभावित मौसम परिवर्तन को देखते हुए बृहस्पतिवार को हुम्ला, मुगु, डोल्पा, जुम्ला, कालिकोट, जाजरकोट और दैलेख सहित अन्य जिलों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। विभाग ने नियमित रूप से मौसम संबंधी अपडेट लेते रहने की भी अपील की है। संभावित बारिश के कारण भूस्खलन, बाढ़ और मिट्टी व मलबे के बहाव का खतरा बढ़ सकता है।

पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फीले तूफान और हिमस्खलन की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोगों से यथासंभव पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा से बचने को कहा गया है। अत्यावश्यक होने पर मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों की जोखिमपूर्ण सड़कों तथा ट्रेकिंग मार्गों पर यात्रा करने वालों को मौसम के पूर्वानुमान पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। धान की कटाई का मौसम चल रहा है। ऐसे में किसानों से भी फसल काटने और उसे खेतों से घर लाने से पहले मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी लेने का आग्रह किया गया है। खेतों में काटकर छोड़ी गई धान की फसल बारिश में भीगकर खराब हो सकती है। इसलिए किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कटाई और फसल के भंडारण की योजना बनाने की सलाह दी गई है। मौसम से जुड़े संभावित खतरों को देखते हुए देश के पर्वतीय और पहाड़ी जिलों के प्रमुख जिला अधिकारियों ने भी लोगों से सावधानीपूर्वक यात्रा करने की अपील की है। डोल्पा की प्रमुख जिला अधिकारी जुनु हमाल ने बताया कि लोगों से मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक यात्रा करने को कहा गया है। इसी तरह, हुम्ला जिला प्रशासन कार्यालय ने भी सूचना जारी कर लोगों से मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही यात्रा पर निकलने का आग्रह किया है। संभावित जोखिमों से बचने के लिए स्थानीय निवासियों, किसानों और यात्रियों को नियमित रूप से आधिकारिक मौसम पूर्वानुमान की जानकारी लेने तथा जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए विमानन सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने का आग्रह किया है। प्राधिकरण ने आज एक सुरक्षा परिपत्र जारी करते हुए हवाई सेवा प्रदाताओं, हवाई अड्डा संचालकों, विमान कंपनियों और अन्य संबंधित निकायों को आवश्यक सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। प्राधिकरण के अनुसार, इस मौसम प्रणाली के कारण नेपाल के पर्वतीय और उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और बर्फबारी हो सकती है। प्राधिकरण ने 29 और 30 अक्टूबर को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी । भारी बारिश, तेज हवाओं और दृश्यता कम होने से विमानों के उड़ान भरने और उतरने, हवाई अड्डों के संचालन तथा रनवे की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, प्राधिकरण ने हवाई यातायात प्रबंधन से जुड़े निकायों को प्रतिकूल मौसम की स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी उड़ान प्रबंधन योजना तैयार करने और आवश्यकता के अनुसार अन्य विमानन इकाइयों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया है।

यदि मौसम की स्थिति निर्धारित परिचालन सीमाओं से अधिक खराब हो जाती है, तो उड़ानों के मार्ग में बदलाव, विमानों को निर्धारित क्षेत्र में प्रतीक्षा कराने या अन्य आवश्यक परिचालन उपाय अपनाने को कहा गया है। सुरक्षा परिपत्र में यह भी निर्देश दिया गया है कि हवा की दिशा और गति में अचानक बदलाव (विंड शीयर), वायुमंडल में गंभीर अस्थिरता और गरज-चमक की जानकारी आने और जाने वाले विमानों तक तत्काल पहुंचाई जाए। इसके साथ ही, सभी संबंधित निकायों को हवाई नेविगेशन सेवाओं और हवाई यातायात प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को पूरी तरह परिचालन के लिए तैयार रखने को कहा गया है। इसमें वैकल्पिक बिजली आपूर्ति और संचार प्रणालियां भी शामिल हैं। प्राधिकरण ने गंभीर जोखिम, परिचालन में बाधा या सुरक्षा से जुड़ी किसी भी घटना की सूचना निर्धारित माध्यमों से तत्काल देने का भी निर्देश दिया है।

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