एक खेल, एक संघ व एक पहचान के को लेकर थ्रोबॉल खिलाड़ियों का शांतिपूर्ण सांकेतिक प्रदर्शन

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By Sunil

रांची। जिला के राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय थ्रोबॉल खिलाड़ियों ने रविवार जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में “एक खेल, एक संघ व एक पहचान” के समर्थन में शांतिपूर्ण सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। खिलाड़ियों ने अपने सिर पर काला पट्टा बांधकर विरोध दर्ज कराया और झारखंड में प्रत्येक खेल के लिए एक मान्यता प्राप्त संघ की व्यवस्था को बनाए रखने की मांग की। इस अवसर पर खिलाड़ियों ने कहा कि झारखंड राज्य थ्रोबॉल संघ पिछले 18 वर्षों से लगातार राज्य में थ्रोबॉल खेल के विकास के लिए कार्य कर रहा है। इस अवधि में राज्य के सैकड़ों खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का नाम रोशन किया है तथा अनेक पदक राज्य की झोली में डाले हैं।खिलाड़ियों ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि हाल ही में आयोजित द्वितीय साउथ एशियन थ्रोबॉल चैंपियनशिप में झारखंड के दो खिलाड़ियों ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए पदक जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया। ऐसे समय में, जब झारखंड में थ्रोबॉल निरंतर प्रगति कर रहा है और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान मिल रही है, कुछ लोगों द्वारा अलग थ्रोबॉल संघ का गठन कर खेल के बढ़ते विकास और रफ्तार को बाधित एवं विवादित करने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।झारखंड राज्य थ्रोबॉल संघ के अध्यक्ष वेदांत कौस्तव ने कहा कि पिछले 18 वर्षों की यात्रा खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि किसी भी खेल का विकास एकता, निरंतरता और संस्थागत स्थिरता से होता है, न कि विभाजन से। खिलाड़ियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी पक्षों को खेल के विकास की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।भारतीय थ्रोबॉल टीम के कोच नगीना कुमार ने कहा कि झारखंड ने देश को कई उत्कृष्ट खिलाड़ी दिए हैं और यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि समानांतर संगठन और अनावश्यक विवाद खिलाड़ियों के भविष्य को प्रभावित करते हैं। खेल को मजबूत करने के लिए एकजुट प्रयास आवश्यक हैं।भारतीय महिला थ्रोबॉल टीम की कप्तान अरुणा यादव ने कहा कि खिलाड़ियों का उद्देश्य केवल खेलना, बेहतर प्रदर्शन करना और अपने राज्य एवं देश का नाम रोशन करना है। उन्होंने कहा कि खेलों में पैदा किए जाने वाले विवाद खिलाड़ियों के मनोबल और अवसरों को प्रभावित करते हैं, इसलिए खेल को राजनीति और विभाजन से दूर रखा जाना चाहिए। संघ बनाने से बेहतर है कि खिलाड़ियों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर एवं बेहतर भविष्य देने का उड़ाया किया जाए।भारतीय थ्रोबॉल टीम के सदस्य एवं दक्षिण एशियाई पदक विजेता अमरदीप कुमार ने कहा कि एक खिलाड़ी वर्षों तक कठिन परिश्रम कर अपनी पहचान बनाता है। जब खेल आगे बढ़ रहा हो और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता मिल रही हो, तब खेल को बांटने के प्रयास खिलाड़ियों के सपनों और भविष्य के साथ अन्याय के समान हैं। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों की मांग है कि झारखंड में “एक खेल, एक संघ, एक पहचान” की व्यवस्था को मजबूती प्रदान की जाए।
प्रदर्शन में शामिल खिलाड़ियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह आयोजन पूर्णतः शांतिपूर्ण और सांकेतिक था। उन्होंने राज्य सरकार, खेल विभाग एवं खेल प्रेमियों से अपील की कि खिलाड़ियों के हितों, खेल की गरिमा और झारखंड में थ्रोबॉल के निरंतर विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

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