झारखंड का स्वास्थ्य विभाग आज जल्लाद विभाग बन चुका है
SUNIL Verma
रांची: राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने कहा कि एक स्वास्थ्य मंत्री का मूल दायित्व लोगों के जीवन की रक्षा करना, उनकी कुशलता सुनिश्चित करना और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना होता है न कि “अंतिम संस्कार” जैसी असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना भाषा का प्रयोग करना। उन्होंने कहा कि मंत्री का यह बयान न केवल उनकी मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि वे अपने संवैधानिक दायित्वों से पूरी तरह भटक चुके हैं।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि “जब स्वास्थ्य मंत्री ही अपने कर्तव्यों को भूल जाए, तो वह जनता के लिए रक्षक नहीं बल्कि एक ‘जल्लाद’ के रूप में दिखाई देता है।” राफिया नाज़ ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री AC कमरों में बैठकर बयानबाजी कर रहे हैं और भाजपा नेताओं को चेतावनी दे रहे हैं कि यदि वे गर्मी में महिला सशक्तिकरण के लिए सड़कों पर उतरेंगे, तो एक स्वास्थ्य मंत्री के नाते भाजपा के नेताओं का ‘अंतिम संस्कार’ कर देंग। उन्होंने कहा कि यह बयान न केवल लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि संवेदनशील पद की गरिमा के भी विपरीत है।
राफिया ने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और ज़मीनी हकीकत बेहद भयावह है। कहा कि राज्य में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने जैसी लापरवाही सामने आई है, जो स्वास्थ्य तंत्र की घोर विफलता को दर्शाती है। कई जगहों पर माता-पिता अपने बच्चों के शव को बोरे में ले जाने को मजबूर हैं, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। राफिया नाज़ ने कहा कि झारखंड की लगभग साढ़े तीन करोड़ आबादी के लिए केवल करीब 2800 डॉक्टर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत तक स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं, जिससे गंभीर बीमारियों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि एक ओर नरेंद्र मोदी जी देश की बेटियों को सशक्त बनाने, उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने और राजनीति में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिलाओं की प्रगति से असहज हैं। राफिया नाज़ ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति परिवारवाद तक सीमित है, जहां केवल कुछ परिवारों की महिलाएं ही आगे बढ़ पाती हैं, जबकि आम घरों की बेटियों को अवसर से वंचित रखा जाता है। राफिया नाज़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के डीएनए में ही महिलाओं का अपमान शामिल है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए गए बयान और उनके आचरण इस बात को प्रमाणित करते हैं। प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक और महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री सीमा सिंह उपस्थित थी।
