मप्र कैबिनेट का बड़ा फैसला, राज्य के 17 धार्मिक नगरों में एक अप्रैल से लागू होगी शराब बंदी

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Eksandeshlive Desk

भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल के अतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को पर्यटन नगरी महेश्वर में देवी अहिल्याबाई के 300वीं जयंती वर्ष को समर्पित डेस्टिनेशन में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें प्रदेश के हित में बड़ा फैसला लिया गया है। इसमें राज्य सरकार 17 धार्मिक नगरों में शराबंदी का निर्णय लिया है। इन 17 नगरों में शराब दुकानें पूरी तरह बंद होंगी और इन दुकानों को दूसरी जगह पर शिफ्ट भी नहीं किया जाएगा। यह फैसला एक अप्रैल से लागू होगा।

यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर में हुई कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट की बैठक में उज्जैन, मंदसौर, अमरकंटक, ओंकारेश्वर, दतिया, सलकनपुर सहित 17 नगरों में शराब की दुकानें बंद करने का फैसला लिया गया है। इन शहरों में इस वित्तीय वर्ष के खत्म होने पर यह निर्णय लागू होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यहां बंद हुई शराब की दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जाएगा। यह हमेशा के लिए बंद कर दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के उज्जैन, दतिया, दतिया, पन्ना, मंडला, मुलताई, मंदसौर, मैहर, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक, सलकनपुर, बर्मानकला, लिंगा, कुंडलपुर, अरमानपुर और बांदलपुर में शराब बंदी की जाएंगी। इनमें एक नगर निगम, 6 नगर पालिका, 6 नगर परिषद और 6 ग्राम पंचायत भी शामिल हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर सलकनपुर माता मंदिर, बरमान कला, लिंग, बर्मन खुर्द, कुंडलपुर और बांदकपुर में पांच किलोमीटर के दायरे में शराबबंदी की मौजूदा नीति जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष परिस्थिति में मंत्री अपने विभागों में अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले कर सकेंगे। इसके साथ ही नारी सशक्तीकरण मिशन को भी कैबिनेट ने लक्ष्यों के साथ मंजूरी दी है। इसके अलावा डॉ. आम्बेडकर विश्वविद्यालय महू को विधि संकाय के लिए 25 करोड़ रुपये कैबिनेट ने मंजूर किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महू को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया है। आम्बेडकर की लॉ में बड़ी भूमिका है। इसलिए विधि संकाय के साथ एक्सीलेंस सेंटर के रूप में भी इसे विकसित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री यहां महेश्वरी साड़ी तैयार करने वाली महिला बुनकरों से संवाद करेंगे। इसके बाद मंडलेश्वर में आमसभा होगी। कैबिनेट में शामिल होने वालों के लिए 17 प्रकार के मालवी व निमाड़ी व्यंजन हैं। मुख्यमंत्री मंडलेश्वर में 982 करोड़ 59 लाख की महेश्वर-जानापाव उद्वहन सिंचाई योजना का शिलान्यास भी करेंगे। इस योजना से तीन जिलों में पानी पहुंचेगा। कैबिनेट में लिए फैसले के बाद राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि धार्मिक नगरी की पवित्रता बनी रहनी चाहिए। इसलिए फैसला लिया गया है कि यहां पूर्ण शराबबंदी हो। इस फैसले का स्वागत है। बैठक में मंत्रियों ने सीएम से आग्रह किया कि आने वाले समय में पूर्ण शराबबंदी की जानी चाहिए।

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