मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए हर हथकंडा अपना रही सरकारः खरगे

NATIONAL

Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर के बारे में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगे जाने पर चुनाव आयोग ने इसे ‘व्यापार रहस्य’ बताते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी के आरोपों पर लगातार खुलासे होने के बावजूद सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए हर हथकंडा अपना रही है।

अवैध रूप से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की भी मांग की: खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि 16.18 लाख फॉर्म-6 आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने पीलीभीत में 10,470 मतदाता रिकॉर्ड में अनियमितताओं का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में फॉर्म-6, 7 एवं 8 की जांच के लिए आदेश देने की जरूरत पड़ रही है। खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने और उन्हें संरक्षण देने वाला बताए जा रहे 2023 के कानून को वापस लेने की मांग की। उन्होंने एसआईआर की प्रक्रिया तत्काल रोकने और कथित तौर पर अवैध रूप से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की भी मांग की। उन्होंने सभी चुनाव मतपत्रों के जरिए कराने की मांग भी की। कांग्रेस अध्यक्ष ने नागरिकों से एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचकर ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च और महारैली में शामिल होने की अपील की। उन्होंने लोगों से मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर इस अभियान में भाग लेने की अपील की।

खरगे ने रामलीला मैदान की रैली में लोगों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग को लेकर एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में लोगों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। खरगे ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो जारी कर कहा कि त्योहारों के मौसम में लोग कमरतोड़ महंगाई से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार को इसकी चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि करोड़ों भारतीयों का मत देने का संवैधानिक अधिकार खतरे में है। इसके लिए उन्होंने आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार ठहराया। खरगे ने कहा कि सभी विपक्षी दलों की मांग है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और एसआईआर की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए। इन मांगों को लेकर एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित की जाएगी।

Spread the love