By Sunil
रांची। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा के नेतृत्व में आज राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। शुरूआत में अनुसूचित जनजाति वर्ग के चिकित्सकों, शिक्षकों, नर्सिंग अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के साथ संवाद से हुई। इस दौरान आयोग ने अपनी संवैधानिक भूमिका से अवगत कराते हुए कर्मचारियों की समस्याओं एवं सुझावों को सुना। प्रतिभागियों ने पदोन्नति, आरक्षण नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, सेवा संबंधी मामलों तथा कार्यस्थल से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को आयोग के समक्ष रखा। इसके पश्चात आयोग ने रिम्स के निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक, डीन, प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में संस्थान में आरक्षण नीति के अनुपालन, अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व, विगत तीन वर्षों की नियुक्तियों, बैकलॉग रिक्तियों, आरक्षण रोस्टर के संधारण तथा एमबीबीएस, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल विद्यार्थियों के लिए संचालित छात्रवृत्ति एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई।
आयोग ने पदाधिकारियों को सभी नियुक्ति प्रक्रियाओं में आरक्षण प्रावधानों के शत-प्रतिशत अनुपालन की निगरानी सुनिश्चित करने तथा अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही, पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से ओपीडी ड्यूटी रोस्टर को मुद्रित रूप में प्रदर्शित करने की भी सलाह दी गई। आयोग ने स्पष्ट किया कि बैठक में उठाए गए बिंदुओं की प्रगति की समीक्षा आगामी अनुवर्ती बैठकों में की जाएगी। आयोग के प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त सचिव अमित निर्मल, विधि सलाहकार सुभाषिक रसिक सोरेन, कुशेश्वर साहू (निजी सचिव), विवेक कुमार (निजी सहायक) अन्वेषक राहुल यादव व रिया शामिल थे।
