शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ डिग्री प्राप्त करना नहीं बल्कि शिक्षा के माध्यम से जीवन की सार्थकता को साबित करना होना चाहिए: कुलपति डॉ राजीव मनोहर

Education Ek Sandesh Live

Eksandeshlive Desk


रांची: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए छात्र संकाय प्रेरण कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में संपन्न हुआ। मौके पर कुलपति राजीव मनोहर के द्वारा उपस्थित सभी विद्यार्थियों को नशा मुक्ति अभियान के तहत नशा मुक्ति शपथ दिलाई गई तथा स्वस्थ और नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची में स्नातक के नव नामांकित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम सह छात्र प्रेरण कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में किया गया। प्रथम सत्र में विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के अंतर्गत बीबीए विभाग और बीसीए के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए और दूसरा सत्र हिंदी, भूगोल, गणित और लोकप्रशासन के नवनामंकित विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया। यह दोनों सत्र विश्वविद्यालय के नए प्रशासनिक भवन में स्थित रविन्द्र नाथ टैगोर सभागार में आयोजित किए गए। इन दोनों सत्रों की अलग अलग अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने इन विभागों के उपस्थित विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज विश्वविद्यालय यहां से आपकी एक एक नयी यात्रा का साक्षी बनेगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ डिग्री प्राप्त करना नहीं बल्कि शिक्षा के माध्यम से जीवन की सार्थकता को साबित करना होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों प्रेरित करते हुए डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के कथन को दोहराते हुए कहा कि, सपना वह होता है , जो आपको लक्ष्य की प्राप्ति के बिना सोने न दे। कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने अपने प्रेरणादाई संबोधन में नए प्रवेश लिए विद्यार्थियों से नवाचार, अनुसंधान, सामाजिक संवेदनशीलता एवं उत्कृष्टता को अपने जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को राज्य और देश का भविष्य बताया।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ धनंजय द्विवेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुशासन, समयबद्धता और शैक्षणिक उत्कृष्टता को अपनाने की प्रेरणा दी। विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ सर्वोतम कुमार ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को अनुशासन, नैतिक मूल्यों और नियमित अध्ययन को अपनाने की सलाह दी।
प्रथम सत्र के दौरान डॉ रजनी कुमारी, कार्यक्रम समन्वयक, सेंटर फॉर वोकेशनल स्टडीज के द्वारा अतिथियों का अभिनंदन और स्वागत किया गया। इसी सत्र में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के निदेशक डॉ जेपी शर्मा, बीसीए विभाग की सह समन्वयक डॉ नमिता लाल और सदस्य डॉ जाफर अब्बास द्वारा भी विद्यार्थियों को संबोधित किया गया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र के इंडक्शन कार्यक्रम के दौरान कुलानुशासक डॉ अजय चौधरी ने अनुशासन पर जोर दिया। मौके पर भूगोल के विभागाध्यक्ष डॉ अभय कृष्ण सिंह, परीक्षा नियंत्रक और लोक प्रशासन की समन्वयक डॉ शुचि संतोष बरवार, गणित की विभागाध्यक्ष और वित्त पदाधिकारी डॉ अनीता मेहता और हिंदी के विभागाध्यक्ष डॉ जिंदर सिंह मुंडा ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रमों, नियमावली और इतिहास से परिचित कराया। आज ही इस इंडक्शन कार्यक्रम के समानांतर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के अन्य सभी पारंपरिक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विभागों में भी उनके विभागाध्यक्ष और समन्वयकों के निर्देशन में इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन और नशा मुक्ति शपथ दिलायी गई। आज के इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्यार्थियों को NEP के उनके मेजर और माइनर पेपर के चयन, क्रेडिट सिस्टम, विभिन्न सत्रों में विषयों के चयन से संबंधित तथ्य एक डिटेल पीपीटी के माध्यम से बताए गए तथा इस ppटी की सॉफ्ट कॉपी को उन सभी विद्यार्थियों को उपलब्ध करा देने के साथ यह विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगा ।यह जानकारी पीआरओ डॉ राजेश कुमार सिंह ने दी।

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