ट्रंप का दावा-युद्ध के बाद इजराइल गाजा पट्टी अमेरिका को सौंप देगा

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Eksandeshlive Desk

वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि गाजा युद्ध समाप्त होने के बाद इजराइल इस क्षेत्र को अमेरिका को सौंप देगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि गाजा में किसी अमेरिकी सैनिक की तैनाती की जरूरत नहीं होगी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, “लड़ाई खत्म होने के बाद गाजा पट्टी को अमेरिका को सौंप दिया जाएगा। फिलिस्तीनियों को पहले ही सुरक्षित और आधुनिक घरों में बसाया जा चुका होगा।” इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने ट्रम्प के इस विचार का समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि “मैं राष्ट्रपति ट्रम्प की साहसिक योजना का स्वागत करता हूं। यह योजना गाजा की आबादी के एक बड़े हिस्से को दुनिया भर के विभिन्न स्थानों पर स्थानांतरित करने में मदद कर सकती है।” इजराइली प्रस्ताव के अनुसार, गाजा के निवासियों को भूमि, समुद्र और हवाई मार्ग से उन देशों में जाने की अनुमति दी जाएगी, जो उन्हें स्वीकार करने को तैयार हैं।

पनामा के राष्ट्रपति ने अमेरिकी दावे को किया खारिज

मनीला : पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी युद्धपोतों को पनामा नहर से बिना शुल्क गुजरने की अनुमति मिल गई है। राष्ट्रपति मुलिनो ने स्पष्ट किया कि नहर से गुजरने की शर्तें पनामा सरकार और संबंधित प्राधिकरणों द्वारा तय की जाती हैं, और इस संबंध में कोई विशेष छूट या नया समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से इस विषय पर चर्चा की थी और स्पष्ट रूप से बताया था कि शुल्क में किसी तरह की छूट देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में मुलिनो ने कहा, “मैं अमेरिकी विदेश मंत्रालय के इस बयान की कड़ी निंदा करता हूं। यह दावा न केवल भ्रामक है, बल्कि पनामा की संप्रभुता पर भी प्रश्न उठाता है।” उन्होंने वॉशिंगटन स्थित पनामा के राजदूत को निर्देश दिया है कि वे इस दावे का आधिकारिक रूप से विरोध दर्ज कराएं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा था कि सरकारी जहाज अब पनामा नहर से बिना किसी शुल्क के गुजर सकते हैं, जिससे अमेरिका को सालाना लाखों डॉलर की बचत होगी। हालांकि, मुलिनो ने इस बयान पर आश्चर्य जताते हुए इसे “बेबुनियाद और अस्वीकार्य” करार दिया। उन्होंने कहा कि पनामा नहर का संचालन अंतरराष्ट्रीय संधियों और देश के कानूनों के तहत किया जाता है, और किसी भी बदलाव पर केवल पनामा सरकार का अधिकार है। फिलहाल, अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से राष्ट्रपति मुलिनो के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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