Kamesh Thakur
रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकथाम के लिए मुरी रेलवे स्टेशन पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर, इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में तथा फ्लाइंग टीम,रांची के सहयोग से संचालित किया गया। ट्रेन संख्या 15027 सम्बलपुर गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर पहुंची। कोच संख्या इए-1 में जांच के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को भारी स्काई-ब्लू रंग के ट्रॉली बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में बैठे पाया गया। पूछताछ करने पर उनकी पहचान आजाद कुमार, अविनाश चौहान दोनों यूपी के गोरखपुर जिला के चिलुआटार थाना के रहने वाले है।
बैग में सामान के बारे में पूछने पर दोनों संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। संदेह के आधार पर उन्हें प्लेटफॉर्म पर ही रोका गया, जहां उन्होंने स्वीकार किया कि ट्रॉली बैग में प्लास्टिक में लिपटा गांजा रखा है। इसकी सूचना तुरंत एएससी,आरपीएफ, रांची को दी गई, जो मौके पर पहुंचे। एएसआई मनतु कुमार जयसवाल द्वारा वैधानिक प्रक्रिया के तहत बैग की तलाशी ली गई, जिसमें एक (01) पैकेट गांजा बरामद हुआ, एएससी,आरपीएफ,रांची के निदेर्शानुसार डीडी किट टेस्ट किया गया, जिसमें गांजा होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पैकेट को पार्सल कार्यालय मुरी में तौला गया, जिसका वजन दस किलोग्राम पाया गया। दोनों आरोपियों के पास बरामद गांजे की कीमत एक लाख रूपये बताया जा रहा है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि राहुल निषाद नामक व्यक्ति इस अवैध कारोबार में सक्रिय है, और उन्हीं के निर्देश पर यह गांजा सम्भलपुर से लाकर गोरखपुर तक पहुंचाया जा रहा था। 27 जून को उन्होंने राहुल निषाद के साथ सम्भलपुर में गांजा खरीदा था, जिसे पैक करके ट्रॉली बैग में रखा गया तथा ट्रेन यात्रा हेतु टिकट भी उपलब्ध कराया गया। सभी कानूनी औपचारिकताओं के उपरांत दोनों आरोपियों तथा जब्त गांजा को जीआरपीएस, मुरी के सुपुर्द कर दिया गया।
