अजय राज
प्रतापपुर (चतरा): आज के डिजिटल युग में सरकार योजनाओं की पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने की दिशा में टेक्नोलॉजी का बखूबी सहारा ले रही है। इसी कड़ी में आंगनबाड़ी सेविकाओं को अब पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से चेहरा सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। इसको लेकर मंगलवार को प्रतापपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में व्यापक प्रशिक्षण आयोजित किया गया।प्रशिक्षक के रूप में रांची से आए तकनीकी विशेषज्ञ अमित कुमार और सूरज मुंडा ने दर्जनों आंगनबाड़ी सेविकाओं को विस्तार से बताया कि कैसे ऐप के जरिए गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों और किशोरियों का आधार- आधारित सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि या तकनीकी समस्या से योजनाओं के लाभुक वंचित न हों, इसके लिए सेविकाओं को सतर्कता और सावधानी के साथ डेटा एंट्री करनी होगी।प्रशिक्षण के दौरान सेविकाओं ने बताया कि आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट न होने या आधार अपडेट की दिक्कतों से उन्हें व्यावहारिक परेशानी होती है। इस पर प्रशिक्षकों ने समाधान प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रत्येक केंद्र पर ऐसी लाभुकों की सूची तैयार कर महिला पर्यवेक्षिका को सौंपी जाए। बाद में उस सूची के आधार पर विशेष शिविर आयोजित कर आधार में मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी अपडेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।सीडीपीओ साकेत कुमार सिन्हा ने सेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि एक भी लाभुक छूटे नहीं और सभी को पोषण योजनाओं का सीधा और पारदर्शी लाभ मिले। उन्होंने जोर दिया कि पोषण ट्रैकर ऐप का सही इस्तेमाल न सिर्फ सेविकाओं की जिम्मेदारी को आसान बनाएगा बल्कि योजनाओं की पारदर्शिता और भरोसेमंद क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा।इस मौके पर महिला पर्यवेक्षिका निधि धान सहित प्रखंड क्षेत्र की कई पंचायतों की सेविकाएं मौजूद थी।
