एमाले ने जेन जी आंदोलन के लिए मांगी माफी, ओली से पार्टी नेतृत्व छोड़ने की मांग

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Eksandeshlive Desk

काठमांडू : नेपाल में हुए जेन जी आंदोलन का असर अब यहां के राजनीतिक दलों पर दिखने लगा है। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के सचिव योगेश भट्टराई ने जेन जी आंदोलन के लिए माफी मांगते हुए पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली से पार्टी नेतृत्व छोड़ने की मांग की है। योगेश भट्टराई ने गुरुवार को एक बयान में स्वीकार किया कि उनकी पार्टी और तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली जेन जी आंदोलन के बाद बदली हुई जरूरतों और अपेक्षाओं को पूरा करने में विफल रहे हैं। बयान में उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के दौरान अपनी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और तत्कालीन सरकार की कमी को स्वीकार किया। भट्टराई ने कहा कि 8 सितंबर की घटना से सबक मिल चुका है कि आंदोलन शुरू होने के समय सब कुछ ठीक नहीं था। उन्होंने कहा कि इस सच्चाई को स्वीकार करना होगा कि हम बदली हुई जरूरतों और अपेक्षाओं को पूरा करने में असमर्थ थे और इसके लिए हम माफी मांगते हैं। उन्होंने जेन जी आंदोलन की न्यायिक जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने टिप्पणी की कि 9 सितंबर की हिंसक घटनाओं ने आंदोलन को धूमिल कर दिया था। भट्टराई ने कहा कि इन सब घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ओली को पार्टी का नेतृत्व पद छोड़ देना चाहिए।

माओवादी पार्टी की केंद्रीय कमेटी भंग करने का प्रचंड ने रखा प्रस्ताव : माओवादी पार्टी के अध्यक्ष पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ ने पार्टी की वर्तमान केंद्रीय समिति को भंग करने और एक विशेष अधिवेशन आयोजित करने के लिए उनके नेतृत्व में एक प्रारंभिक समिति बनाने का प्रस्ताव रखा है। ‘प्रचंड’ ने यह प्रस्ताव गुरुवार को काठमांडू में पार्टी की 7वीं पूर्ण केंद्रीय समिति की बैठक के दौरान पेश किया है। बैठक में भाग लेने वाले माओवादी नेताओं के अनुसार प्रचंड ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पार्टी के आंतरिक चुनाव निर्धारित समय पर होने चाहिए और आगामी राष्ट्रीय चुनावों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। इस कदम को पार्टी की संगठनात्मक संरचना को सुव्यवस्थित करने और एक विशेष अधिवेशन के अनुरूप नेतृत्व परिवर्तन के लिए तैयार करने के लिए एक कदम के रूप में देखा जा रहा है। प्रस्ताव पर चर्चा जारी रहेगी, जिसमें प्रत्येक प्रांत के प्रतिनिधि केंद्रीय नेतृत्व को प्रतिक्रिया देंगे।

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