कराची के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर झड़प, अमेरिकी सुरक्षाकर्मियों की गोलियों से 9 की मौत, 18 घायल

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Eksandeshlive Desk

इस्लामाबाद : ईरान पर रविवार सुबह इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में वहां के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खमेनेई की मौत की खबर से पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में लोग भड़क गए हैं। हजारों प्रदर्शनकारी रविवार को कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर जमा होकर नारेबाजी की। इस दौरान हुई झड़प के बाद अमेरिकी सुरक्षाकर्मियों ने गोलियां चला दीं, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य घायल हो गए। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सिंध के गृह मंत्री ने पुलिस से घटना की रिपोर्ट तलब की है। जियाे टीवी ने सरकारी अस्पताल के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि कराची में दोपहर अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर अमेरिका और इज़राइली हमलों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान कम-से-कम 9 लोगाें की माैत हाे गई और 18 अन्य घायल हो गए। अस्पताल के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।

घटना को लेकर इस्लामाबाद स्थित यूएस दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बयान जारी कर अपने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। इसमें कहा गया है कि, `हम कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के समक्ष चल रहे प्रदर्शनों की खबरों पर नजर रख रहे हैं। साथ ही इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास और पेशावर में वाणिज्य दूतावास के समक्ष प्रदर्शनों के आह्वान पर भी हमारी नजर है। पाकिस्तान में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय समाचारों पर नजर रखने और व्यक्तिगत सुरक्षा के अच्छे उपाय के साथ सतर्कता, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने की सलाह दी जाती है।’ इससे पहले उग्र प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइल पर मध्य पूर्व में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। प्रदशर्नकारियाें ने नारेबाजी करते हुए बैरिकेड तोड़े दिए। भीड़ ने अमेरिकी प्रतीकों को निशाना बनाया और दूतावास परिसर के एक हिस्सों में आग लगा दी। ईधी एम्बुलेंस सर्विस के मुताबिक, 06 शव और 10 घायलाें काे शुरू में एमटी खान रोड से सिविल अस्पताल कराची ले जाया गया था। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के अधिकारियों ने बाद में कन्फर्म किया कि 18 घायल लोगों के साथ 7 शवाें को अस्पताल लाया गया था। अस्पताल अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित लोग फायरिंग, लाठीचार्ज और भगदड़ की वजह से घायल हुए। सिविल अस्पताल कराची के ट्रॉमा सेंटर के हेड डॉ. साबिर मेमन के मुताबिक, अब तक 8 शवाें काे अस्पताल लाया जा चुका हैं, जबकि 20 घायलाें का इलाज चल रहा है। बाद में, गंभीर रूप से घायल एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर जमा होकर पत्थर फेंके और आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग के बाद गोलीबारी शुरू कर दी। सिंध के होम मिनिस्टर ज़ियाउल हसन लंजर ने एडिशनल आईजी कराची से घटना की रिपोर्ट मांगी है। एक बयान में उन्हाेंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। लंजर ने पूरे प्रांत में संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया।

ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमला, सुरक्षा परिषद् में पाकिस्तान ने कहा, क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान : ईरान पर इजरायल व अमेरिका के संयुक्त हमले को लेकर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (यूएनएससी) में कहा है कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान होगा और लंबे समय तक इसका असर रह सकता है। सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने 15 सदस्याें वाली काउंसिल को बताया कि मध्य पूर्व की घटनाओं को लेकर हम बेहद चिंतित हैं। इसके साथ ही, पाकिस्तान ने सऊदी अरब, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर ईरान के हमलों की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उनके साथ एकजुटता में खड़ा है। बहस की शुरुआत करते हुए, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि किसी भी देश की स्वायत्तता के खिलाफ़ ताकत के इस्तेमाल से बचना चाहिए। उन्होंने ईरान के खिलाफ़ यूएस और इज़राइल के बड़े पैमाने पर सैन्य हमलों और इसके जवाब में ईरान की तरफ से बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात पर किए गए हमलों की निंदा की। शनिवार देर शाम फ्रांस, चीन, रूस, बहरीन और कोलंबिया के आग्रह पर काउंसिल की आपातकालीन बैठक हुई।

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