झारखंड विधानसभा-बजट सत्र : जेटेट अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर विपक्ष का हमला

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Eksandeshlive Desk

रांची : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा मंगलवार को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठा। विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार को घेरा और कार्रवाई पर सवाल उठाए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जेटेट परीक्षा की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब सरकार समय पर परीक्षा आयोजित नहीं करेगी, तो युवाओं का सड़कों पर उतरना स्वाभाविक है।

विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस देखने को मिली : मरांडी ने सरकार से सवाल किया कि आखिर कब तक पिछली सरकार को दोष दिया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों से राज्य में यही सरकार है, फिर भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। मामले पर जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि जेटेट परीक्षा को लेकर उच्च न्यायालय ने 31 मार्च तक का समय दिया है और सरकार न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि पूर्व में सिस्टम में खामियां थीं, जिन्हें अब दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है और आगे परीक्षाएं समय पर आयोजित की जाएंगी। मंत्री ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस देखने को मिली।

सरयू राय ने मानगो पेयजल परियोजना में देरी का मुद्दा उठाया : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 16वें दिन मंगलवार को विधायक सरयू राय ने मानगो पेयजल परियोजना में देरी का मुद्दा उठाया। विधायक सरयू राय ने सवाल किया कि वर्ष 2009 में शुरू हुई यह योजना आज तक पूरी नहीं हो सकी। विधायक ने आरोप लगाया कि 2019 से 2024 के बीच परियोजना की उपेक्षा हुई, जलमीनारें अधूरी रहीं, इंटेक वेल में जमी बालू की सफाई नहीं हुई और पुराने मोटर बदलने में भी लापरवाही बरती गई,जिससे जलापूर्ति प्रभावित हुई। राय ने यह भी कहा कि योजना पर्याप्त पानी देने में सक्षम नहीं है, फिर भी प्रतिदिन टैंकरों से एमजीएम अस्पताल को पानी भेजा जा रहा है। जवाब में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि केंद्र सरकार से एनओसी मिलने में देरी के कारण परियोजना प्रभावित हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मार्च 2026 तक योजना पूरी कर दी जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि एमजीएम अस्पताल को रोजाना 72 हजार लीटर पानी दिया जा रहा है और योजना के फेज-2 का निर्माण जरूरी है। विधायक सरयू राय ने सदन में कोडरमा डोमचांच को नगर पंचायत घोषित करने की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की। इस पर मंत्री सुदिव्य ने कहा जनगणना की रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार पुनः विचार करेगी। विधायक ने पथ निर्माण विभाग में एई के पदस्थापन,सेवा विनियमन और वेतन भुगतान का मुद्दा उठाया।

विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने भी सदन में उठाया मुद्दा : सदन में विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने पथ निर्माण विभाग में सहायक अभियंताओं के पदस्थापन, सेवा विनियमन और वेतन भुगतान का मुद्दा उठाया। विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने मंत्री से चार बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी। विधायक ने पूछा कि क्या वित्त विभाग के 20 मई 2022 के संकल्प संख्या 1337 के अनुसार पदस्थापन की प्रतीक्षा अथवा प्रभार रहित अवधि को प्रशासी विभाग बिना वित्त विभाग की सहमति के स्वयं विनियमित कर सकता है। साथ ही उन्होंने 2007 बैच के सहायक अभियंताओं को नियुक्ति से पदभार ग्रहण तक की अवधि को अनिवार्य प्रतीक्षा मानते हुए वेतन भुगतान किए जाने का भी उल्लेख किया। सदन में यह भी सवाल उठा कि वर्ष 2022 में नियुक्त सहायक अभियंता (पथ निर्माण) को नियुक्ति से पदभार ग्रहण तक की अवधि के लिए वेतन भुगतान क्यों नहीं किया गया, जबकि पूर्व में विभाग की ओर से ऐसी व्यवस्था अपनाई जा चुकी है। इस मामले के जवाब में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि यह पूरा मामला फिलहाल प्रक्रियाधीन है। उन्होंने संकेत दिया कि विभाग इस विषय की समीक्षा कर रहा है और नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।

धनबाद जलापूर्ति परियोजना पर सवाल, असंसदीय भाषा को लेकर हंगामा : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 17वें दिन मंगलवार को धनबाद जिले की बहुप्रतीक्षित जलापूर्ति परियोजना का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठा। विधायक अरुप चटर्जी ने परियोजना में देरी को लेकर श्री राम ईपीसी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता विभाग के तहत लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का ठेका कंपनी को दिया गया था, लेकिन अब तक एक भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी बाद में किसी अन्य कंपनी के साथ विलय (मर्ज) हो गई, जिससे परियोजना की स्थिति और जटिल हो गई है। मामले पर जवाब देते हुए विभागीय मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परियोजना को जल्द पूरा कराया जाएगा और पूरे मामले की जांच कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जानकारी सदन में प्रस्तुत की जाएगी। इसी बीच सदन में असंसदीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर भी जोरदार हंगामा हुआ।

भाजपा के विधायक वेल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे : विधायक नीरा यादव ने विधायक समीर मोहंती के बयान पर आपत्ति जताई और मामला सदन में उठाया। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक वेल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने हस्तक्षेप करते हुए आपत्तिजनक शब्दों को कार्यवाही से हटाने (स्पंज करने) की घोषणा की, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी रहा। नीरा यादव ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए संबंधित विधायक को माफी मांगनी चाहिए। मामले को शांत कराने के लिए संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि किसी भी पक्ष के विधायक को असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने पूरे सदन की ओर से इस घटना को लेकर क्षमा भी मांगी। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अंततः सदन की कार्यवाही सामान्य हो सकी।

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