चतरा में हिंदू नववर्ष का भव्य आगाज़: कठौतिया तालाब में उमड़ा आस्था का सैलाब

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गूंजा ‘विक्रम संवत’ का जयघोष

अशोक अनन्त
चतरा: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कठौतिया तालाब में उमड़े श्रद्धालु, पारंपरिक स्नान के साथ किया नववर्ष का स्वागत।
अंग्रेज गए, पर परंपराएं छोड़ गए”; प्रजापति स्वयंसेवक संघ ने लोगों को याद दिलाया असल भारतीय नववर्ष।आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही भारतीय संस्कृति के अनुसार हिंदू नववर्ष यानी विक्रम संवत 2083 का आगाज़ हो गया है। इस खास मौके पर चतरा के प्रसिद्ध कठौतिया तालाब में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने पवित्र स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया और नए साल की मंगलकामना की। प्रजापति स्वयंसेवक संघ के सदस्यों ने इस अवसर पर भारतीय परंपराओं के प्रति गौरव महसूस करने का संदेश दिया। बुधवार को चतरा के कठौतिया तालाब का नजारा पूरी तरह भक्तिमय रहा। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने तालाब में स्नान किया। इस दौरान प्रजापति स्वयंसेवक संघ के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। संघ के सदस्य इन्द्रों प्रजापति ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि अंग्रेज हमारे देश से भले ही चले गए हों, लेकिन आज भी समाज का एक हिस्सा उनकी परंपराओं को ढो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदुओं का असल नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है, जो वैज्ञानिक और प्राकृतिक रूप से भी सटीक है। इसी दिन से विक्रम संवत की नई गणना शुरू होती है। मौके पर मनोज कुमार सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे अपनी आने वाली पीढ़ियों को भारतीय पंचांग और संस्कृति के महत्व से अवगत कराएंगे। तालाब परिसर में पूजा-अर्चना के बाद लोगों ने एक-दूसरे को नववर्ष की बधाई दी। चतरा में चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के इस संगम ने यह साबित कर दिया कि आधुनिकता के दौर में भी सनातन परंपराओं की जड़ें कितनी गहरी हैं।

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