Eksandeshlive Desk
तेहरान/कुवैत सिटी/दाेहा : पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने ईरान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे इजरायली एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। इस घटना ने ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य टकराव को और तेज कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। वहीं कुवैत ने पिछले 24 घंटों में उसके हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रही ईरान की नौ बैलिस्टिक मिसाइलों और चार ड्रोन को मार गिराया है। इस बीच, खाड़ी देश कतर के समुद्री क्षेत्र में रविवार को बड़ा हादसा हुआ, जब नियमित ड्यूटी पर तैनात सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि हादसे में एक लापता व्यक्ति की खोज के लिए अभियान जारी है।
पूरे क्षेत्र में संघर्ष बढ़ा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ी
ईरान की अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने मध्य ईरान के हवाई क्षेत्र में एक और इजरायली एफ-16 लड़ाकू विमान को इंटरसेप्टर मिसाइल से मार गिराया है। इससे पहले ईरान ने अमेरिका के एफ-35 को मार गिराया था। अमेरिकी रक्षा एजेंसी ने इसकी पुष्टि की थी और कहा था कि हमले में विमान को नुकासान पहुंचा, लेकिन उसके चालक सुरक्षित बच निकले। आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई स्थानीय समयानुसार सुबह 3:45 बजे की गई। संगठन के अनुसार, अब तक 200 से अधिक दुश्मन हवाई लक्ष्यों—जिनमें ड्रोन, क्रूज मिसाइलें और उन्नत लड़ाकू विमान शामिल हैं, को नष्ट किया जा चुका है। इसे ईरान की बढ़ती रक्षा क्षमता और हवाई निगरानी प्रणाली की उन्नति के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं, इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि उसके एक लड़ाकू विमान काे ईरान मिसाइल ने निशाना बनाया लेकिन पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा। इजरायली सेना के अनुसार, यह विमान उनके नियंत्रित क्षेत्रों से उड़ान भरकर ईरान में हवाई हमले के मिशन पर था। पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध चल रहा है। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में संघर्ष को और बढ़ा दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ती जा रही है।
कुवैत का ईरान की 9 मिसाइलें और 4 ड्रोन मार गिराने का दावा
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच करीब तीन हफ्ताें से जारी युद्ध के बीच कुवैत ने पिछले 24 घंटों में उसके हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रही ईरान की नौ बैलिस्टिक मिसाइलों और चार ड्रोन को मार गिराया है। फिलहाल, इससे जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। अजरबैजान के अंग्रेजी समाचार पत्र अजर न्यूज और तुर्किये की संवाद समिति अनाडाेलू एजेंसी (एए) के अनुसार, कुवैत ने अपनी सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। कुवैती सेना के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान उसके हवाई रक्षा प्रणालियों ने देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर रही नौ बैलिस्टिक मिसाइलों और चार ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। कुवैत रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुल अज़ीज अल-अतवान के अनुसार, एयर डिफेंस यूनिट्स ने सभी खतरों का समय रहते पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि इस कार्रवाई में किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। प्रवक्ता के अनुसार, रक्षा प्रतिनिधियों ने पहले नौ बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक किया और उन्हें कुवैत के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराया। इसके बाद चार ड्रोन को भी पहचान कर नष्ट कर दिया गया। सेना ने बयान में कहा कि वह देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब ईरान के साथ इज़राइल-अमेरिका का तनाव खतरनाक रूप से लगातार बढ़ रहा है।
कतर की सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश, 6 लोगों की मौत
इस बीच, कतर न्यूज एजेंसी के अनुसार रविवार को कतर के समुद्री क्षेत्र में सेना का हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। कतर के गृह मंत्रालय के अनुसार, हेलीकॉप्टर में कुल सात लोग सवार थे। दुर्घटना के तुरंत बाद बचाव और राहत कार्य शुरू किया गया। लापता व्यक्ति की तलाश के लिए समुद्री क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले कतर रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि यह दुर्घटना नियमित ड्यूटी के दौरान हुआ। मंत्रालय के अनुसार, उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण वह समुद्र में गिर गया। घटना के बाद इमरजेंसी सेवाएं और संबंधित अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंच कर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और तकनीकी खराबी के पीछे की वजह का पता लगाया जा रहा है। यह हादसा कतर की सुरक्षा और रक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है। पश्चिम एशिया में करीब तीन हफ्ताें से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच कतर को ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों का भी सामना करना पड़ा है। कतर के ‘रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी’- जो दुनिया के सबसे बड़े तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) उत्पादन केंद्रों में से एक है, उसे कई मौकों पर निशाना बनाया गया है।
