By Mustaffa
मेसरा (रांची): राजधानी रांची के बीआईटी मेसरा क्षेत्र के ग्राम चुट्टू निवासी प्रख्यात व वरिष्ठ समाजसेवी हाजी हयात अंसारी ने ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के पावन अवसर पर देश व राज्यवासियों को दिली मुबारकबाद पेश की है। अवाम के नाम जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि ईद-उल-अज़हा का यह मुकद्दस त्योहार सिर्फ एक पर्व नहीं है,बल्कि यह सुपुर्दगी,रजा,कुर्बानी और इंसान को इंसानियत का पैगाम देने एवं समाज में भाईचारा और मोहब्बत फैलाने का माध्यम है। उन्होंने विशेष तौर पर लोगों से संपूर्ण अमन-चैन,शांति और आपसी भाईचारे के साथ इस पावन त्योहार को मनाने की पुरजोर अपील की है। हाजी हयात अंसारी ने त्योहार के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अल्लाह तआला ने इस दिन को सिर्फ एक त्योहार के रूप में मनाने के लिए मुकर्रर नहीं किया है। यह त्योहार हमें सीख देता है कि जिस तरह से पैगंबर हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और पैगंबर हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम ने अल्लाह के प्रति अपनी अटूट आस्था,आज्ञाकारिता और समर्पण की महान मिसाल पेश की,हम भी अपने जीवन में उसी त्याग को अपनाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पर्व केवल जानवरों की कुर्बानी तक सीमित नहीं है,बल्कि इंसान को अपने भीतर की इच्छाओं,घमंड,जलन और तमाम सामाजिक बुराइयों की कुर्बानी देकर नेकी के रास्ते पर चलने का सच्चा संदेश देता है। उन्होंने कहा कि समाज में एकता,भाईचारा,दया और इंसानियत की भावना फैलाने की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने क्षेत्र के संपन्न लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास रहने वाले गरीबों,यतीमों,विधवाओं और जरूरतमंदों का खास ख्याल रखें,क्योंकि असली खुशी वही है जो दूसरों के चेहरे पर मुस्कान ला सके। हाजी हयात अंसारी ने त्योहार के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान साथ ही,समाज के सभी वर्गों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सामाजिक सौहार्द को हर हाल में बनाए रखें। अंत में उन्होंने अल्लाह से दुआ करते हुए कहा,अल्लाह तआला सभी की इबादत,कुर्बानी और नेक दुआओं को कुबूल फरमाए। हमारे मुल्क भारत में अमन-चैन और खुशहाली कायम रखे और पूरी अवाम को एकता,मोहब्बत और मेल-जोल के साथ रहने की हिदायत दे।
