Eksandeshlive Desk
रांची : हजारीबाग के विष्णुगढ़ में हुए हत्याकांड के खुलासे के बाद अब सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने शुक्रवार को रांची प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर झारखंड पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। अंबा प्रसाद ने कहा कि इस पूरे मामले में सिस्टम ने मिलकर पीड़िता के साथ अन्याय किया है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को नजरअंदाज किया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में मनगढ़ंत कहानी पेश की गई है। उन्होंने राज्य की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या केस से जुड़े बयानों में बदलाव किया गया है। अंबा ने यह भी सवाल उठाया कि धनेश्वर पासवान और भीमराम जैसे नामों की भूमिका स्पष्ट क्यों नहीं की गई।
मामले में राजनीतिक प्रभाव की संभावना को नजरअंदाज किया जा रहा : अंबा प्रसाद ने दावा किया कि भीमराम, जो कथित तौर पर भाजपा से जुड़ा हुआ है, उसकी कुछ तस्वीरें उन्होंने मीडिया के सामने साझा कीं, जिनमें उसे भाजपा के कार्यक्रमों में शामिल दिखाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में राजनीतिक प्रभाव की संभावना को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस केस में एसआईटी का गठन किया गया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया। आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ की टाइमलाइन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस 10 दिन बाद सक्रिय क्यों हुई, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहे थे। अंबा प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में डीएनए टेस्ट नहीं कराया गया, जिसके आधार पर दुष्कर्म के आरोपों को खारिज कर दिया गया। उनके अनुसार, पुलिस की पूरी प्रेस विज्ञप्ति एक गढ़ी हुई कहानी जैसी प्रतीत होती है। अंत में उन्होंने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग की।
