झारखंड में आठ अगस्त तक भारी बारिश के आसार, किसानों में बढ़ी उम्मीद

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मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की भी चेतावनी

Eksandeshlive Desk

रांची : झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में इस सप्ताह अच्छी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 8 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान से किसानों में उत्साह है, क्योंकि पर्याप्त वर्षा से धान की रोपाई में तेजी आने की उम्मीद है। जुलाई में हुई अच्छी बारिश के कारण अधिकांश किसानों ने धान के बिचड़े तैयार कर लिए हैं। अब पर्याप्त वर्षा होने पर रोपाई का कार्य तेजी से शुरू होने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो अगस्त के अंत तक राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में धान की रोपाई पूरी हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, 8 अगस्त तक राज्य के विभिन्न जिलों में कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में सर्वाधिक 175.2 मिलीमीटर वर्षा गोड्डा में दर्ज की गई। वहीं, सबसे अधिक तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस बहरागोड़ा में और सबसे कम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस लातेहार में रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को रांची और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से काले बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं होने से लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। रांची में पिछले 24 घंटे के दौरान 95 प्रतिशत सापेक्ष आर्द्रता दर्ज की गई, जिससे मौसम काफी असहज बना रहा।

राज्य के प्रमुख शहरों में मंगलवार को दर्ज अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें, तो रांची में 29.2 और 23.4 डिग्री सेल्सियस, जमशेदपुर में 35.3 और 26.2 डिग्री, डाल्टनगंज में 32.6 और 26.3 डिग्री, बोकारो में 33.2 और 26.5 डिग्री तथा चाईबासा में 35 और 24.8 डिग्री सेल्सियस। मौसम विभाग ने लोगों, विशेषकर किसानों से मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। साथ ही आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और बारिश के दौरान खुले स्थानों, खेतों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। विभाग का मानना है कि यदि पूर्वानुमान के अनुरूप वर्षा होती है तो इसका सबसे अधिक लाभ खरीफ फसलों, विशेषकर धान की खेती को मिलेगा और राज्य की कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

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