Eksandeshlive Desk
काठमांडू : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अपने कार्यकाल की शुरुआत के महज पंद्रह दिन के भीतर ही एक मंत्री को पद से हटा दिया है। दरअसल, श्रम, रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह ने अपनी पत्नी जुनु श्रेष्ठ को स्वास्थ्य बीमा बोर्ड का सदस्य पुनः नियुक्त करने का विवादित फैसला लिया था। इसके अलावा उनकी पृष्ठभूमि भी विवादों में रही है। इसके बाद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के सभापति रवि लामिछाने ने मंत्री साह पर पद की मर्यादा का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। इस पर प्रधानमंत्री शाह ने उन्हें गुरुवार को पदमुक्त कर दिया। साह को केवल 13 दिन पहले ही मंत्री बनाया गया था। इसी मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाने के आरोप में रास्वपा प्रमुख लामिछाने ने स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्री निशा मेहता को भी चेतावनी देने की सिफारिश की थी। इस सिफारिश के आधार पर प्रधानमंत्री शाह ने मंत्री मेहता को भी सचेत कर दिया है।
नेपाल के डिप्टी स्पीकर पद के लिए दो उम्मीदवारों ने किया नामांकन दाखिल
नेपाल के प्रतिनिधि सभा के डिप्टी स्पीकर पद के लिए दो उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी की सरस्वती लामा और श्रम संस्कृति पार्टी की रुबी कुमारी ठाकुर इस पद के लिए उम्मीदवार बनी हैं। प्रतिनिधि सभा के डिप्टी स्पीकर पद के लिए श्रम संस्कृति पार्टी की ओर से 25 वर्षीय रुबी कुमारी ठाकुर उम्मीदवार बनी हैं। पार्टी के महासचिव कविन्द्र बुर्लाकोटी ने बताया कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी ने डिप्टी स्पीकर पद के लिए श्रम संस्कृति पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन देने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी ने सरस्वती लामा को उम्मीदवार बनाया है। उनके प्रस्तावक राप्रपा के नेता ज्ञानेन्द्र शाही हैं, जबकि समर्थकों में ताहिर अली, खुश्बु ओली और भरत गिरी हैं। वर्तमान में प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के 182, नेपाली कांग्रेस के 38, नेकपा एमाले के 25, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के 17, श्रम संस्कृति पार्टी के 7, राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी के 5 और 1 स्वतंत्र सांसद हैं।
