राज्यभर में 434 केंद्रों पर झारखंड पात्रता परीक्षा संपन्न, सुरक्षा के थे कड़े इंतजाम

Education

Eksandeshlive Desk

रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (जेईटी) रविवार को राज्यभर में शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। इस दौरान परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े और पुख्ता इंतजाम किये गये थे। परीक्षा का आयोजन रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग और देवघर सहित कुल 6 जिलों में किया गया, जहां लगभग 1.75 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए। राज्यभर में कुल 434 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें रांची में 117, जमशेदपुर में 93, धनबाद में 70 और हजारीबाग में 67 केंद्र शामिल थे। परीक्षा एक ही पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित की गई। परीक्षा के निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से व्यापक तैयारी की थी। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त बल की व्यवस्था की गई, जबकि उड़नदस्ता टीमों को लगातार सक्रिय रखा गया था।

वहीं, विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलों में परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू रही। इसके तहत पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग, हथियार लेकर चलने और किसी भी प्रकार की सभा या प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। प्रशासन की सख्ती का असर पूरे राज्य में देखने को मिला और केंद्रों के आसपास पूरी तरह नियंत्रित एवं शांत वातावरण बना रहा। इस बार परीक्षा में आधुनिक तकनीक का भी प्रभावी उपयोग किया गया। परीक्षार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर रोक लगाने के लिए आईआरआईएस अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया था। इसके अलावा कई केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की गई और कुछ स्थानों पर लाइव मॉनिटरिंग भी की गई। प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई तथा मोबाइल, स्मार्ट वॉच जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहा। रांची सहित अन्य जिलों में उपायुक्तों के नेतृत्व में परीक्षा संचालन की लगातार मॉनिटरिंग की गई। अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासनिक सतर्कता और समन्वय के कारण पूरे राज्य में परीक्षा प्रक्रिया व्यवस्थित, नियंत्रित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

Spread the love