Eksandeshlive Desk
रांची : सैमसंग इंडिया ने अपना प्रमुख कार्यक्रम ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो’ डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप बोकारो में आयोजित किया, जहां चिन्मय विद्यालया के 450 छात्रों ने रोजमर्रा की समस्याओं पर मानव-केंद्रित डिज़ाइन लागू करना सीखा और प्रौद्योगिकी-आधारित विचारों को विकसित करके पहुंच और नागरिक सेवाओं में सुधार किया। सैमसंग के राष्ट्रव्यापी 100 शहरों के आउटरीच अभियान के अंतर्गत आयोजित इस वर्कशॉप ने छात्रों को सहानुभूति से शुरुआत करने के लिए प्रोत्साहित किया—यानी किसी समस्या का समाधान तैयार करने से पहले उससे प्रभावित लोगों को समझना। प्रतिभागियों ने यह पता लगाया कि कैसे अवलोकन, अनुसंधान और डिज़ाइन थिंकिंग स्थानीय चुनौतियों को व्यापक नवाचारों में बदल सकते हैं। एक आइडिया 10वीं क्लास के स्टूडेंट आदित्य नारायण सिंह का था, जिन्होंने दृष्टिबाधित लोगों को सुरक्षित रूप से चलने-फिरने में मदद करने के लिए एक पहनने योग्य सहायक डिवाइस का कॉन्सेप्ट तैयार किया। बोकारो की भीड़-भाड़ वाली सड़कों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर आने वाली दिक्कतों से प्रेरित होकर, इस कॉन्सेप्ट में रुकावटों का पता लगाने के लिए सेंसर का इस्तेमाल किया गया है और यह ऑडियो प्रॉम्प्ट या वाइब्रेशन के ज़रिए यूज़र को अलर्ट करता है।
