हजारीबाग : रीइमैजिनिंग इम्पैक्ट एआई-ड्रिवन स्किलिंग, फाइनेंशियल इन्क्लूजन एवं सोशल एंटरप्राइज फॉर विकसित भारत थीम पर आधारित आईसेक्ट इंडिया का पांचवां समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 बुधवार को आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता एवं वित्तीय समावेशन के विभिन्न आयामों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ आईसेक्ट विश्वविद्यालय के समकुलपति डॉ एसआर रथ, कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय वैशाली के कुलसचिव डॉ ब्रजेश सिंह, आईसेक्ट जोनल हेड ईस्ट जोन अंब्रीश झा, जनरल मैनेजर अभिषेक गुप्ता, नम्रता आनंद व कमलेश कुमार के हाथों दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। आईसेक्ट झारखंड स्टेट हेड अनुप श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का बुके एवं शॉल देकर स्वागत किया। उद्घाटन सत्र में फाइनेंशियल इन्क्लूजन ब्रोशर, सफलता की कहानियों पर आधारित पुस्तक, कौशल विकास बुकलेट तथा एनएसक्यूएफ वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ एसआर रथ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्किलिंग ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए समान अवसर तैयार कर रही है। डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि रोजगारोन्मुखी दक्षता से जोड़ना जरूरी है। डॉ ब्रजेश सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति युवाओं को अवसरों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। अंब्रीश झा ने कहा कि वर्तमान समय में हमारा ध्यान जितना ज्यादा कौशल पर आधारित होगा, हमारी कामयाबी भी उतनी ही नज़दीक नज़र आएगी। कॉन्क्लेव के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को एसकेपी अवार्ड और फाइनेंशियल इन्क्लूजन अवार्ड सहित कुल नौ श्रेणियों में सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में प्रमोद झा, गौतम यादव, रंजीत कुमार, मोहन लाल गुप्ता, मुकुल सिंह, रिंकी कुमारी, किरण कुमारी, मीणा देवी एवं श्वेता कुमारी शामिल रहे। कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में कौशल विकास एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर विस्तृत जानकारी दी गई। जनरल मैनेजर अभिषेक गुप्ता ने सरकारी एवं कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी आधारित कार्यक्रमों में भागीदारी के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने का बड़ा मंच प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा आज के प्रतिस्पर्धी दौर में कौशल विकास ही युवाओं की सबसे बड़ी ताकत है। सही प्रशिक्षण, तकनीक और मार्गदर्शन के माध्यम से युवा न केवल अपने भविष्य को संवार सकते हैं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भी अहम योगदान दे सकते हैं। ऐसे में आईसेक्ट से जुड़कर अपने सपनों को हकीकत में तब्दील किया जा सकता है। अरुण शुक्ला ने ब्रेनी बेयर मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि यह मॉडल युवाओं और उद्यमियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध करा रहा है तथा प्रारंभिक शिक्षा और कौशल विकास युवाओं के भविष्य की मजबूत नींव है। कार्यक्रम में प्लेसमेंट, अप्रेंटिसशिप, डिजिटल सेवाओं, वित्तीय समावेशन, बीसी चैनल, ऑनलाइन सेवाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। आईसेक्ट विश्वविद्यालय का प्रेजेंटेशन डॉ चांदनी कुमारी ने दिया, जबकि सीवीआरयू वैशाली का प्रेजेंटेशन डॉ ब्रजेश सिंह ने प्रस्तुत किया। कॉन्क्लेव में अमृतेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, आयूष सिन्हा, प्रशांत बेसरा, नीरज सतपुते सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। इस दौरान प्लेसमेंट प्राप्त अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन तौहीद आलम एवं पारितोष पाण्डेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अंब्रीश झा ने किया।
