By Sunil
रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रीयो भट्टचार्य ने हरमू स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधाते हुए कहा कि देश इस समय गहरे आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है और पिछले 12 वर्षों में हालात लगातार खराब हुए हैं। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि अब भाजपा समर्थक अर्थशास्त्री भी मानने लगे हैं कि चुनाव जीतना और देश चलाना अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की हालिया विदेश यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि उस दौरान आई तस्वीरें देश की आर्थिक बदहाली पर हंसी जैसी लग रही थीं, जिससे देश शर्मसार हुआ। उन्होंने पश्चिम बंगाल से लगे सीमावर्ती इलाकों, खासकर संथाल परगना से सिंहभूम तक की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि वहां आपातकाल जैसे हालात हैं। बकरीद जैसे त्योहारों पर रोक लगाए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक माहौल लगातार खराब किया जा रहा है। सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री द्वारा आंदोलनकारियों को आंदोलनजीवी और परजीवी कहे जाने की भी आलोचना की। साथ ही उन्होंने मुख्य न्यायाधीश की कथित टिप्पणी पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस तरह की भाषा न्याय व्यवस्था की गरिमा के अनुरूप नहीं है। केंद्र सरकार पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि सरकार शुतुरमुर्ग की तरह व्यवहार कर रही है, जो रेत में सिर छिपाकर यह मान लेती है कि खतरा खत्म हो गया। उन्होंने प्रधानमंत्री की तुलना नीरो से करते हुए कहा कि देश संकट में है और सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है।झामुमो प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड जैसे राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य को जीएसटी की राशि समय पर नहीं मिल रही है और केंद्र की मदद नहीं मिलने से कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी खत्म होने के बाद पार्टी महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाएगी। देश की मौजूदा स्थिति के समाधान के तौर पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने एकीकृत राष्ट्रीय सरकार बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता छोड़कर ऐसी सरकार के गठन का रास्ता साफ करना चाहिए, जिसमें सभी राजनीतिक दलों और विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व हो. इससे देश की स्थिरता और अखंडता मजबूत होगी।
