साहिबगंज/राजमहल। थाना क्षेत्र के जायरामडंगा गांव में एक छात्रा के साथ छेड़खानी, दुष्कर्म के प्रयास तथा जानलेवा हमला किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इतना ही नहीं, घटना की शिकायत करने पर आरोपियों द्वारा पीड़िता के घर में घुसकर पूरे परिवार के साथ मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जायरामडंगा निवासी लखी कुमारी सोमवार को बरहरवा कॉलेज से परीक्षा देकर वापस अपने घर लौट रही थी। बताया जाता है कि दोपहर करीब 1:30 बजे वह कल्याणचक स्टेशन पर उतरकर गांव की ओर जा रही थी। इसी दौरान सुनसान रास्ते में गांव के ही मुन्ना यादव ने उसे रोक लिया। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने पहले उसके साथ छेड़खानी की और विरोध करने पर जबरन पकड़कर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। छात्रा ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट करते हुए आंख के पास गंभीर चोट पहुंचाई। आरोप है कि आरोपी ने उसका गला दबाकर जान से मारने की भी कोशिश की।
पीड़िता ने बताया कि वह लगातार मदद के लिए चिल्लाती रही। शोर सुनकर आसपास लोगों के आने की आहट मिलने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद डरी और सहमी छात्रा किसी तरह अपने घर पहुंची तथा परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। घटना सुनने के बाद परिवार के लोग काफी आक्रोशित और भयभीत हो गए।
बताया जा रहा है कि जब पीड़िता के माता-पिता मामले की शिकायत करने आरोपी के घर पहुंचे तो स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद मुन्ना यादव, गणेश यादव और रोहित यादव लाठी-डंडों के साथ पीड़िता के घर पहुंच गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसकर गाली-गलौज की, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, पुलिस में शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़िता और उसकी मां ने आरोप लगाया है कि आरोपी पहले भी गांव की एक अन्य लड़की के साथ इस प्रकार की घटना में शामिल रह चुके हैं। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन गांव में इस घटना को लेकर लोगों के बीच काफी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ सकती हैं।
घटना के बाद से पीड़ित परिवार दहशत के माहौल में जी रहा है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें लगातार डर बना हुआ है कि आरोपी दोबारा हमला कर सकते हैं। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इधर मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस को गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
वहीं समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक पुष्टि या प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी थी। हालांकि पीड़िता द्वारा पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिए जाने के बाद मामले की जांच शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
