हजारीबाग : हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के द्वारा गुरुवार की सुबह राज्य में तथा हजारीबाग में स्वास्थ की लचर व्यवस्था दिखाते हुए अपने सोशल मीडिया के फेसबुक पेज पर एक पोस्ट शेयर किया गया जिसमें हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में एक एंबुलेंस को कुछ लोग स्टार्ट करने के लिए धक्का मारते हुए दिखाई दे रहे थे। पोस्ट होते ही धीरे-धीरे लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। इस पूरे मामले को लेकर पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने अपने मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान को तत्काल अस्पताल भेजकर स्थिति की वास्तविक जानकारी लेने का निर्देश दिया। निर्देश मिलते ही विक्की कुमार धान SBMCH पहुंचे और पूरे मामले की वस्तुस्थिति का जायजा लिया। धान ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरें और दावे वास्तविकता से काफी अलग हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई गंभीर प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि केवल एक अस्थायी तकनीकी समस्या है। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था और एंबुलेंस सेवाओं का निरीक्षण किया तथा 108 एंबुलेंस सेवा के प्रभारी रोहित से दूरभाष पर विस्तृत बातचीत की। प्रभारी द्वारा बताया गया कि कई एंबुलेंस वाहन पुराने हो चुके हैं और बैटरी संबंधी तकनीकी खराबी के कारण एक वाहन को अस्थायी रूप से धक्का देकर स्टार्ट करना पड़ा था। इसे सोशल मीडिया पर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। उनके अनुसार जिले में कुल 28 एंबुलेंस उपलब्ध हैं, जिनमें से शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SBMCH) में 6 एंबुलेंस नियमित रूप से संचालित हैं। इनमें से 4 एंबुलेंस गंभीर मरीजों को रांची सहित उच्च चिकित्सा केंद्रों तक ले जाने के कार्य में लगी रहती हैं, जबकि 2 एंबुलेंस स्थानीय स्तर पर मरीजों को सेवा प्रदान कर रही हैं। इसके अतिरिक्त 5 पुरानी एंबुलेंस जर्जर स्थिति में चिन्हित की गई हैं, जबकि एक एंबुलेंस में बैटरी एवं तकनीकी समस्या पाई गई है, जिसकी मरम्मत और बैटरी बदलने का कार्य तेजी से जारी है और जल्द ही उसे पुनः सेवा में शामिल किया जाएगा।
