टंडवा: एनटीपीसी के चट्टीबरियातू कोल माइंस से कोयला ढुलाई के लिए प्रस्तावित सड़क निर्माण के विरोध में दूसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। धरना स्थल पर सैकड़ों महिला-पुरुष डटे रहे और सड़क निर्माण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता विनय बिहारी शरण तथा संचालन जितेंद्र सिंह ने किया।धरना दे रहे ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण से क्षेत्र में पर्यावरणीय नुकसान होगा और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ेगी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वृंदा स्थित खाता संख्या 29, प्लॉट संख्या 329 एवं 333 में बिना आवश्यक सरकारी अनुमति के भूमि खुदाई और सड़क निर्माण का कार्य किया गया। उनका कहना है कि अंचल कार्यालय द्वारा रोक लगाए जाने के बावजूद कार्य जारी रखा गया, जिसके विरोध में वे आंदोलन कर रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि टंडवा-सिमरिया मुख्य सड़क स्थित वृंदा देवी मंडप के समीप प्रस्तावित सड़क बनने से प्रदूषण, दुर्घटनाओं और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। इसी मांग को लेकर वे पिछले दो दिनों से धरने पर बैठे हैं, जिसे क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुषों का समर्थन मिल रहा है।विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण से संबंधित कोई स्पष्ट विभागीय आदेश या सरकारी पत्र अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, बावजूद इसके कंपनी कार्य को आगे बढ़ा रही है । वहीं दूसरी ओर सड़क निर्माण के समर्थन में भी धरना-प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अलग पंडाल लगाया जा रहा है। रैयतों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमीन एग्रीमेंट के तहत जेआरएल कंपनी को दी है और कुछ लोग निजी स्वार्थ के कारण सड़क निर्माण का विरोध कर रहे हैं।इस बीच सड़क निर्माण का विरोध कर रहे लोगों ने पांच जून से चक्का जाम की भी घोषणा की है। ऐसे में क्षेत्र में टकराव की स्थिति बनने की आशंका बढ़ गई है। संभावित विवाद को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड में है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
