* अखबार में छपी खबर देखकर चरही के युवक सूरज मुर्मू ने परिजनों को दी सूचना
* परिजनों ने ‘एक संदेश’ अखबार और सूचना देने वाले युवक का जताया आभार
NEWS BY MUSTAFFA
मेसरा (रांची): हिंदी दैनिक अखबार ‘एक संदेश’ में छपी गुमशुदगी की खबर का एक बड़ा और सकारात्मक असर देखने को मिला है। बीते 8 जून से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए झारखंड टॉपर और बीएससी आईटी के मेधावी छात्र अफरोज आलम (28 वर्ष) को हजारीबाग के चरही रोड से सकुशल ढूंढ निकाला गया है। अफरोज के सुरक्षित मिलने से पिछले कई दिनों से गहरे सदमे और चिंता में डूबे परिजनों ने अब राहत की सांस ली है। अफरोज के बड़े भाई वसीम अंसारी ने बताया कि रविवार को उनके पास हजारीबाग के चरही निवासी सूरज मुर्मू नामक एक युवक का फोन आया। सूरज ने उन्हें सूचना दी कि अखबार (‘एक संदेश’) में छपी खबर और तस्वीर के आधार पर उन्होंने अफरोज आलम को चरही हजारीबाग रोड पर देखा है। खबर पढ़ते ही सजगता दिखाते हुए सूरज ने तुरंत परिजनों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही वसीम अंसारी ने सूरज मुर्मू से आग्रह किया कि वे अफरोज को वहीं रोककर रखें,वे तुरंत पहुंच रहे हैं। फोन पर पुख्ता जानकारी मिलते ही बड़े भाई वसीम अंसारी बिना वक्त गंवाए अपनी कार से तुरंत हजारीबाग के चरही के लिए रवाना हो गए। रविवार दोपहर करीब 12 बजे वे चरही पहुंचे और सूरज मुर्मू की मदद से अपने भाई अफरोज आलम को सकुशल अपनी कार में बिठाकर वापस घर लेकर आए। घर लौटने पर अफरोज को पूरी तरह सुरक्षित पाकर पूरे परिवार और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। अफरोज आलम के सकुशल घर लौटने पर उनके बड़े भाई वसीम अंसारी, पिता मो. कलीम अंसारी और पूरे परिवार ने सजग नागरिक सूरज मुर्मू का सहृदय आभार प्रकट किया है। इसके साथ ही परिजनों ने हिंदी दैनिक अखबार ‘एक संदेश’ को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि अखबार में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के कारण ही आज उनका भाई सुरक्षित घर लौट सका है। गौरतलब है कि रांची (बुटी) के खिजुर टोला निवासी अफरोज आलम,जो मैट्रिक में पूरे झारखंड के टॉपर रहे हैं और मानसिक अस्वस्थता से जूझ रहे थे,बीती 8 जून को अपनी साइकिल लेकर घर से निकल गए थे। काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला,तो परिजनों ने सदर थाने में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी और ‘एक संदेश’ अखबार ने इस सामाजिक सरोकार की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
