By Sunil Verma
बड़ा ऐलान : हर सदर अस्पताल को मिलेंगी 4 अतिरिक्त एंबुलेंस
रांची: स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जनों, डीएस तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मैराथन समीक्षा बैठक नामकूम में की। बैठक में अस्पतालों की कार्यप्रणाली, चिकित्सकों की उपलब्धता, दवा आपूर्ति, एंबुलेंस सेवा, स्वास्थ्य संसाधनों तथा आगामी मानसून को लेकर तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि राज्य के सभी जिले अगले 15 दिनों के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं में ठोस एवं दिखाई देने वाला सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा कार्य में ढिलाई अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने में किसी प्रकार की बाधा आती है तो संबंधित क्षेत्र के विधायक एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर उसका समाधान निकालें। अधिकारियों को भयमुक्त होकर जनता के हित में पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि राज्य के सभी सदर अस्पतालों एवं रेफरल अस्पतालों में चार-चार अतिरिक्त एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएंगी। यह व्यवस्था 108 एंबुलेंस सेवा से अलग होगी ताकि गंभीर मरीजों को समय पर और त्वरित सहायता मिल सके।उन्होंने बताया कि एंबुलेंस संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अस्पतालों को आवश्यक तकनीकी सुविधाएं एवं टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। सिविल सर्जन अथवा डीएस को सूचना मिलते ही तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध कराने की जवाबदेही तय की जाएगी।मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर एवं अन्य मौसमी बीमारियों के मामलों में वृद्धि होती है। ऐसे में सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं, बेड, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि वे सदर अस्पताल परिसर में ही निवास करें तथा आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल उपलब्ध रहें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने वाले अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन सहित कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है, लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही से सरकार की छवि प्रभावित होती है। ऐसी स्थिति अब स्वीकार्य नहीं होगी।बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उनका दायित्व केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के बीच जाकर समस्याओं का समाधान करना भी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है और अब उसके सकारात्मक परिणाम भी धरातल पर दिखाई देने चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने एनएचएम के प्रबंध निदेशक शशि प्रकाश झा को निर्देश दिया कि सिविल सर्जनों को पर्याप्त प्रशासनिक अधिकार उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे अपने जिलों में त्वरित एवं प्रभावी निर्णय ले सकें। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए संबंधित सिविल सर्जन पूर्ण रूप से जवाबदेह होंगे। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल अथवा कार्य बहिष्कार जैसी परिस्थितियों में पहले संवाद और समाधान का रास्ता अपनाया जाएगा। हालांकि यदि कोई कर्मचारी जनहित के विरुद्ध कार्य करता है तो आवश्यक कार्रवाई करने में कोई हिचक नहीं बरती जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ कर्मचारियों के भुगतान में ट्रेजरी संबंधी तकनीकी कारणों से हुई देरी को शीघ्र दूर कर सभी लंबित भुगतान जारी कर दिए जाएंगे। बैठक के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अधिकारियों को ईमानदारी, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं का समय पर समाधान ही बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की कुंजी है। उन्होंने दोहराया कि जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।बैठक में राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जन, डीएस, एनएचएम के वरिष्ठ अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
