By Sunil
रांची। आइक्यूएसी के सहयोग से संत जेवियर्स कॉलेज सभागार में उत्तरदायी अकादमी: नयी शिक्षा नीति को समझना, विधान, मान्यता, एआई और डिजिटल बदलाव” विषय पर एक दिवसीय फैकल्टी संकाय विकास कार्यक्रम आयोजन सोमवार को किया गया। जिसमें फैकल्टी सदस्यों को उच्च शिक्षा के तेज़ी से बदलते परिदृश्य के बारे में जानकारी देना और उभरती शैक्षणिक और संस्थागत चुनौतियों के लिए उनकी तैयारी को बेहतर बनाना था। कार्यक्रम के पहले सत्र में डॉ. अमिताभ रॉय ने नयी शिक्षा नीति के बदलाव को समझना, कार्यान्वयन, उच्च शिक्षा के लिए नए कानूनी ढांचे और नैक की संशोधित मान्यता प्रक्रिया पर चर्चा की। उनके दूसरे सत्र में परिणाम आधारित शिक्षा पर था, जिसमें पढ़ाने के बजाय सीखने पर आधारित तरीकों को अपनाने पर ज़ोर दिया गया। उन्होंने सीखने के नतीजों को तय करने, पाठ्यक्रम को संस्थान के लक्ष्यों के अनुरूप बनाने और मूल्यांकन के तरीकों को नए सिरे से सोचने की रणनीतियों पर चर्चा की, ताकि छात्रों की सार्थक सीख और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।दूसरे सत्र के वक्ता डॉ. सम्राट रॉय ने शैक्षणिक संस्थानों को प्रभावित करने वाली समकालीन चुनौतियों पर बात की। ध्यान भटकाने वाली अकादमी: सोशल मीडिया, छात्रों का विकास और संस्थागत नीति” विषय पर अपने पहले सत्र में, उन्होंने छात्रों के संज्ञानात्मक प्रदर्शन, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र विकास पर सोशल मीडिया के प्रभाव का पता लगाया, साथ ही सोच-समझकर बनाई गई संस्थागत नीतियों और हस्तक्षेपों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। दूसरे सत्र में उच्च शिक्षा में क्लासरूम, मूल्यांकन और शोध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला गया, जिसमें शिक्षण-सीखने की प्रक्रियाओं, मूल्यांकन प्रथाओं और अनुसंधान गतिविधियों में अवसरों और चुनौतियों दोनों पर चर्चा की गई। फैकल्टी सदस्यों को शिक्षण-सीखने, मूल्यांकन और अनुसंधान गतिविधियों में एआई टूल्स को रचनात्मक रूप से शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस कार्यक्रम में अलग-अलग विभागों के 154 प्राध्यापकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर, एसजे के स्वागत संभाषण से हुई। मौके पर संत जेवियर्स कॉलेज कोलकाता के कॉमर्स विभाग के डीन व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमिताभ रॉय और पीएचडी समन्वयक व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सम्राट रॉय वक्ता के तौर उपस्थित थे|
